बस्ती। कोतवाली थाना क्षेत्र के पोखरभिटवा गांव निवासी हरेंद्र सिंह 45 वर्ष के 12 जून को फंदा लगाकर आत्महत्या करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतक की पत्नी शोभना सिंह का कहना है कि उनके पति को आत्महत्या के लिए सूदखोरों ने उकसाया था। उनके प्रताड़ना से तंग आकर पति आत्मघाती कदम उठाया। पत्नी ने कोतवाली पुलिस पर कार्रवाई करने में हीलाहवाली का आरोप लगाया है। मामले में चार दिन दौड़ने के बाद मंगलवार को आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पीड़ित पत्नी का कहना हैं कि उनके पति आत्महत्या करने से पहले सूदखोरों के उत्पीड़न की आपबीती सुनाते हुए वीडियो भी बनाए थे। तहरीर में बताया कि उनके पति ई-रिक्शा चलाकर परिवार का भरण पोषण करते थे। गांव के ही रहने वाले श्याम बहादुर सिंह व राघवेंद्र सिहं उर्फ पप्पू सिंह ब्याज पर रुपये देते हैं। उनकी ई-रिक्शा की दुकान भी सोनूपार में है। वहां से उनके पति ने 41 हजार रुपये ई-रिक्शा की बैटरी खरीदी थी। कुछ ही दिन बाद वह काम करना बंद कर दी।
पति हरेंद्र ने इसकी शिकायत दुकानदार से की तो उसने बैट्री बदलने से इन्कार कर दिया। जिससे पति का रोजगार ठप हो गया। बताया कि पूर्व में उनके पति ने संबंधित लोगों से ब्याज पर रुपये लिए थे, जिसे वापस भी कर दिया था। इसके बावजूद गलत ढंग से ब्याज जोड़कर उनके पति से और रुपये की मांग की जा रही थी। रुपये न देने पर उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाया जाता था। पीड़िता का आरोप है कि चार दिन दौड़ने के बाद कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपी श्याम बहादुर और राघवेंद्र के खिलाफ सिर्फ प्राथमिकी दर्ज की है। उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। जिससे उनके परिवार को भय बना हुआ है।