- सुबह से लेकर दोपहर तक अस्पताल में चलता रहा हाई-वोल्टेज ड्रामा
- डॉक्टर और सीएमएस पहुंचे कोतवाली, पुलिस को बताई घटना की वजह
बस्ती। जिला महिला अस्पताल में शुक्रवार को शिकायतें मिलने पर सीएमएस ने बाल रोग विशेषज्ञ को कक्ष में बुलाया। इस दौरान दोनों में तू-तू-मैं-मैं हुई। गुस्साए डॉक्टर का एक शब्द सीएमएस को चुभ गया और दोनों आमने-सामने आ गए। मामला हाथापाई तक पहुंच गया। शोरगुल सुनकर आसपास के कर्मी पहुंचे और मामला शांत कराया। एडीएम, सीएमओ समेत आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी ली। दोनों चिकित्साधिकारी कोतवाली पहुंचे और तहरीर देकर एक-दूसरे पर कार्रवाई की मांग की है।
जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनिल कुमार व बालरोग विशेषज्ञ डॉ. तैय्यब अंसारी के बीच शुक्रवार को विवाद हो गया। डॉ. तैय्यब ने आरोप लगाया है कि सीएमएस ने उन्हें अपने कक्ष में फोन करके बुलाया। मेज पर रखे सामान और आला से हमला किया। डॉ. तैय्यब ने कोतवाली पुलिस को विवाद की सूचना दी। पुलिस महिला अस्पताल पहुंच गई। डॉ. तैय्यब ने कोतवाली में कोतवाल को तहरीर दी। कोतवाली में सीएमएस को बुलाया गया।
इसी बीच एडीएम प्रतिपाल सिंह चौहान और सीएमओ डॉ. राजीव निगम जिला महिला अस्पताल पहुंच गए। दोनों अधिकारियों ने सीएमएस और डॉ. तैय्यब से वार्ता किया। बाद में दोनों के बीच समझौता करा दिया गया। डॉ. तैय्यब ने जिला महिला अस्पताल में अपनी सेवायें देने में असमर्थता जताते हुए उन्हें जिला अस्पताल स्थानांतरित कराने का निवेदन किया है।
यही नहीं, अधिकारियों की मौजूदगी में डॉ. तैय्यब ने जब वीडियो फुटेज चलवाने को कहा तो उनकी बात को अनसुनी कर दी गई। बताया गया कि सीएमएस डॉ. अनिल कुमार के खिलाफ शासन व आला अधिकारियों के यहां कई शिकायतें हुई हैं। इसके अलावा महिला अस्पताल में ऑपरेशन से लेकर सामान्य प्रसव तक में धन उगाही व अन्य आरोपों से संबंधित खबरें मीडिया में लगातार प्रकाशित हो रही हैं। सीएमएस को यह शक है कि इन खबरों व शिकायत के पीछे डॉ. तैय्यब का हाथ है।
यही कारण रहा कि डॉ. तैय्यब से पहले एसएनसीयू वार्ड का चार्ज ले लिया गया। उनसे कहा गया है कि अस्पताल में उनकी तैनाती बतौर निश्चेतक है, इसलिए वह बच्चों का इलाज नहीं करेंगे। समस्या बढ़ने के बाद उन्हें बच्चों के इलाज के लिए कहा गया। इसके बाद भी सीएमएस की खुन्नस बरकरार रही। उन्होंने केएमसी वार्ड की स्टॉफ को बालरोग विशेषज्ञ के साथ राउंड कराने से मना कर दिया। इसकी शिकायत डॉ. तैय्यब ने सीएमएस से की थी। डॉ. तैय्यब अंसारी व केएमसी वार्ड की स्टॉफ नर्स रेनू भट्ट को शुक्रवार को सीएमएस ने अपने चैंबर में बुलाकर वार्ता की। इसके बाद स्टॉफ नर्स वहां से चली गई। डॉ. तैय्यब चैंबर में मौजूद थे।
डॉ. तैय्यब का कहना है कि एक मामले को लेकर आपत्ति दर्ज कराने पर सीएमएस भड़क गए। जोर-जोर से चिल्लाने लगे और हाथ उठा दिया। आक्रोशित डॉ. तैय्यब भी सीएमएस पर झपटे, लेकिन कर्मचारियों ने उन्हें पकड़ लिया। जब कर्मचारी डॉ. तैय्यब को पकड़े हुए थे, उस दौरान सीएमएस ने आला से उन्हें मारने की कोशिश की। आरोप है कि मीटिंग में सीएमएस बार-बार बदनाम करने की कोशिश करते रहे। इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। हालांकि, संवाद न्यूज एजेंसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करती है।
इस दौरान एसआईसी जिला अस्पताल डॉ. खालिद रिजवान अहमद, डिप्टी सीएमओ डॉ. एसबी सिंह, कोतवाल दिनेश चंद्र चौधरी, डॉ. सुधांशु द्विवेदी समेत सिक्योरिटी इंचार्ज वार्ता कर मामले को खत्म कराने का प्रयास करते रहे। सुबह से दोपहर तक हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। वहीं, सीएमएस ने अपना बयान जारी करते हुए कहा कि डॉ. तैय्यब अंसारी की ओर से लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। उनके आरोप में दम नहीं है। डॉक्टर ने अभद्रता की और गलत शब्द का प्रयोग किया। मुझ पर भी हमलावर हो गए।
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सीसीटीवी के गायब फुटेज से मामला हुआ संदिग्ध
जिला महिला अस्पताल में सीएमएस व बाल रोग विशेषज्ञ के बीच हुई हाथापाई से संबंधित सीसीटीवी फुटेज में आगे का पार्ट नहीं दिख रहा है, इससे मामला संदिग्ध है। बाद के पार्ट की फुटेज है। डॉक्टर ने इस पर सवाल करते हुए जांच की मांग की है।
कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराते डॉक्टर और सीएमएस महिला अस्पताल बस्ती।- फोटो : अमर उजाला
कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराते डॉक्टर और सीएमएस महिला अस्पताल बस्ती।- फोटो : अमर उजाला
कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराते डॉक्टर और सीएमएस महिला अस्पताल बस्ती।- फोटो : अमर उजाला