- वार्ड में अचानक धुआं उठता देख भर्ती मरीज और तीमारदार निकलकर भागे
- दो घंटे ठप रही वार्ड की बिजली आपूर्ति, काफी देर बाद लौट सके भर्ती मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिला महिला अस्पताल के आयुष्मान वार्ड में रविवार की दोपहर अचानक अफरातफरी मच हुई। बिजली के बोर्ड से धुआं निकलता देख मरीज और तीमारदार आग लगने की आशंका में बाहर भागने लगे। सूचना के बाद पहुंचे स्वास्थ्य कर्मियों ने बिजली आपूर्ति बंद कराकर आग बुझाई। काफी देर बाद वार्ड में स्थित सामान्य हुई तो भर्ती मरीज लौटे।
दोपहर करीब 2:40 बजे आयुष्मान वार्ड में अंडरग्राउंड वायरिंग से शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। भीतर डाला गया केबल जलने लगा। तार जलने की गंध आने लगी लेकिन कुछ देर तक कोई कुछ समझ नहीं पाया। बिजली के बोर्ड तक आग पहुंची तो धुआं उठता देख लोग घबरा गए। कुछ ही देर में वार्ड में धुआं भरता देख अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में मरीज और तीमारदार वार्ड से बाहर भागने लगे।
आग लगने की सूचना स्टॉफ नर्स और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों को दी गई। मौके पर पहुंचे कर्मचारियों ने बिजली आपूर्ति बंद कराई। इसके बाद आग बुझाई गई। जांच में पता चला शाॅर्ट सर्किट से वायरिंग में आग लग गई थी। दो घंटे की मशक्कत के बाद तार और बोर्ड को दुरुस्त कर बिजली आपूर्ति बहाल कराई गई। इस दौरान मरीजों और तीमारदारों को सांसत झेलनी पड़ी।
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वार्ड में भर्ती हैं छह मरीज
महिला अस्पताल के आयुष्मान वार्ड में इस समय छह मरीज भर्ती हैं। बिजली के बोर्ड और वायरिंग में आग लगने के बाद धुआं उठता देख मरीजों और तीमारदारों में हड़कंप मचा रहा। वार्ड में धुआं भरने और जले हुए तार और बोर्ड की दुर्गंध से रहना मुश्किल हो रहा था। बाद में स्थिति सामान्य होने पर मरीज भीतर गए।
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वार्ड में अग्निशमन यंत्र ही नहीं
आग लगने के बाद मची अफरातफरी के बीच पता चला कि आयुष्मान वार्ड में अग्निशमन यंत्र है ही नहीं। गनीमत यह रही कि मरीज और तीमारदार धुआं देख सजगता दिखाते हुए बाहर निकल गए। इससे किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ। मरीजों ने बताया कि वार्ड में अग्निशमन यंत्र उपलब्ध नहीं था, यदि आग तेज होती तो मुश्किल बढ़ जाती।
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कोट
आयुष्मान वार्ड में धुआं उठने की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन सक्रिय हो गया। बिजली आपूर्ति बंद कराने के साथ तत्काल इलेक्टि्रशियन बुलाए गए। कुछ देर में ही स्थिति नियंत्रित कर ली गई।
- डॉ. एके वर्मा, सीएमएस