गुरु का महत्व प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में होता है। बिना गुरु मनुष्य का जीवन सफल नहीं हो सकता। उनका दरबार ही सच्चा होता है, झूठे इसमें नहीं टिक सकते। ये उद्गार बाबा जय गुरुदेव के शिष्य बाबा रतन लाल ने व्यक्त किए। वे कजरीकुंड गांव में आयोजित सत्संग को संबोधित कर रहे थे।
देश भर के विभिन्न प्रांतों से यहां पहुंचे श्रद्धालुओं को धर्म-कर्म का पाठ पढ़ाते हुए सलाह दी कि सभी को शुद्ध शाकाहार ग्रहण करना चाहिए। शाकाहार से जहां बीमारियां नहीं होती वहीं मनुष्य का मस्तिष्क भी शुद्ध रहता है।जय गुरुदेव के नाम को प्रभु से जोड़ते हुए कहा कि इस नाम का जप करने से मानव न केवल भव सागर पार कर जाता है बल्कि जीवन में जो कुछ करना चाहता है उसे हासिल कर लेता है। बड़ी से बड़ी बीमारी इस नाम के जप से दूर हो जाती है। सत्संग को हरीश भोसले और शिप्रा दीदी ने संबोधित किया। इस मौके राम कुमार वर्मा, डॉ मोहन, अरुण कुमार, राम किशोर यादव, तिलक राम, धनी राम वर्मा, जितेंद्र चौधरी, राम चंद्र यादव, लालजी यादव, विजय शर्मा, मनोज कुमार, अरुण कुमार, रामउग्रह, गीता आदि उपस्थित रहे।