नाला और सड़क के बीच नहीं लगा सकते दुकान, नगर पालिका ने दी हिदायत, ठेला और गुमटी वाले सकते में
कभी भी पटरी दुकानदारों पर हो सकती हैै कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। नगर पालिका शहर को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए स्थायी व्यवस्था बना रही है। सबसे अधिक जाम वाले क्षेत्र गांधीनगर में इसकी पहल शुरू कर दी गई है। रविवार की रात में यहां सड़क के दोनों तरफ फुटपाथ के किनारे लाल निशान लगाए गए हैं। सड़क से लाल निशान तक कोई भी दुकान, ठेला, गुमटी और टिन शेड आदि अवैध कब्जा माना जाएगा। इस पहल से फुटपाथ दुकानदारों को चिंता सताने लगी है।
गांधीनगर बाजार क्षेत्र में कंपनीबाग से रोडवेज तक 14 मीटर चौड़ी सड़क और दोनों तरफ पांच-पांच मीटर इंटरलॉकिंग फुटपाथ बनाया गया है। यहां सुबह 10 बजे के बाद से रात आठ बजेे तक फुटपाथ पर छोटे दुकानदारों का कब्जा रहता है। बड़े प्रतिष्ठान एवं भवनों के मालिक अपने सामने दुकान लगाने के लिए छोटे दुकानदारो सेे प्रतिदिन 200 से 300 रुपये प्रति दुकान किराया वसूल करते हैं। यह धंधा लंबे समय से चल रहा है।
त्योहारों के दौरान यहां अतिक्रमण के चलते पैदल चलना कठिन रहता है। इधर एक माह के भीतर नगर पालिका ने गांधीनगर को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए कई बार कोशिश की। प्रभारी ईओ-एसडीएम सुनिष्ठा सिंह कई बार टीम के साथ अतिक्रमण भी हटवाया गया। मगर, टीम के जाते ही स्थिति फिर जस की तस हो गई। इस बार नगर पालिका ने फुटपाथ कोे खाली कराने के लिए नया तरीका अपनाया है। सड़क के बाद दोनों तरफ फुटपाथ पर पांच मीटर तक रविवार की रात में लाल निशान की पट्टी बना दी गई है। इसके भीतर अब दुकान लगाना प्रतिबंधित कर दिया गया है।
हालांकि, सोमवार को लाल निशान के भीतर रोजाना की तरह ठेला, गुमटी आदि रखकर फुटकर दुकान लगी देखी गईं। अतिक्रमण भी बरकरार रहा। छोटे दुकानदारों में यह चर्चा बनी रही कि अब कभी भी कार्रवाई हो सकती है। नगर पालिका की ओर से हिदायत दी गई है कि यदि फुटपाथ पर लाल निशान के भीतर दुकान या अवैध कब्जा पाया गया तो संबंधित पर कार्रवाई होगी।
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अक्सर लगता है जाम
गांधीनगर में सड़क की पटरियों पर अतिक्रमण के चलते अक्सर जाम लग जाता है। 14 मीटर सड़क सिकुड़कर सात मीटर भी नहीं बचती है। आवागमन का दबाव बढ़ते ही यहां हनुमानगढ़ी से लेकर एसबीआई के सामनेे तक लंबा जाम लग जाता है। बड़े दुकानदारों का भी यहां पटरियों पर कब्जा है। कुछ दुकानदार तो फुटपाथ की जगह को पार्किंग के रूप में उपयोग कर रहे हैं।
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कोट
शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने की अभी शुरुआत की गई है। लाल निशान का उद्देश्य है कि लोग उसके अंदर किसी तरह का अतिक्रमण न करें। गाड़ी भी न खड़ी करें। इसके लिए व्यापारियों को जागरूक किया जाएगा। सिविल एवं यातायात पुलिस की भी मदद ली जाएगी।
-सुनिष्ठा सिंह प्रभारी ईओ/ एसडीएम