जिले में पहली बार अंत्योदय और बीपीएल के अपात्रों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस दर्ज होगा। यही नहीं इसमें शामिल तहसील व ब्लॉक कर्मियों पर भी कार्रवाई होगी। मामला विकास खंड सदर के ग्राम पंचायत सोनूपार का है। शिकायत के बाद तहसीलदार की जांच में चार कार्डधारक अपात्र मिले हैं।
इनमें एक तो रिटायर तहसीलदार के पुत्र भी है। इस बाबत डीएम ने एडीएम को अपात्र पाए गए चार लाभार्थियों के मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
छह माह पहले सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत सोनूपार के विजय कुमार ने डीएम से बड़े पैमाने पर अंत्योदय और बीपीएल कार्ड बनाए जाने में गड़बड़ी की शिकायत की थी।
जांच में तहसीलदार विनोद सिंह ने चार लोगों को अपात्र पाया। इसमें तीन अंत्योदय और एक बीपीएल से जुड़ा पाया गया। अपात्र मिले लोगों में अशर्फीलाल पुत्र नेबूलाल का नाम अंत्योदय कार्ड की सूची के क्रमांक 42 पर है। जांच में इनके पास तीन कमरे का पक्का मकान और दुकान मिली।
इसी सूची के क्रमांक 46 पर राम किशुन पुत्र दुखरन का नाम है। इनके पास भी पक्का मकान ओर दुकान मिली। इसी सूची में क्रमांक 44 पर जगदीश पुत्र राम नरायन का नाम है।
जो कि होमगार्ड हैं। इनके पिता रिटायर तहसीलदार हैं। वहीं जगदीशपुर बीपीएल कार्डों की सूची में क्रमांक 47 पर हरिशंकर दुबे पुत्र राम बहाल दुबे का नाम है। इनका सोनूपार में पक्का मकान है, यह प्रधान पद के प्रत्याशी भी रह चुके हैं। इन सभी को अपात्र मानते हुए इनके विरुद्घ कार्रवाई करने की सिफारिश की गई है।
डीएम ने बताया कि सभी अपात्रों के विरुद्ध केस दर्ज करने उनसे रिकवरी कराने और राशन कार्ड बनाने वाले ब्लॉक और तहसील कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश एडीएम को दिया गया है।
सभी अपात्रों के विरुद्घ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाएगा और रिकवरी भी कराई जाएगी, साथ ही इसमें लिप्त सरकारी कर्मियों के विरुद्घ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।