बस्ती। अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ अविनाश चंद्र मिश्रा की अदालत ने पत्नी की हत्या के मामले में आरोपी राम अवतार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने आरोपी पर 10 हजार अर्थदंड लगाते हुए कहा कि इसे न अदा करने पर चार माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
डीजीसी फौजदारी परिपूर्णानंद पांडेय के नेतृत्व में एडीजीसी जय गोविंद सिंह ने अदालत को बताया कि घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के जखनी गांव की है। वादी हरिकेश निवासी रामपुर रेवटी थाना मुंडेरवा ने 30 मई 2016 को पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसने अपनी बहन किरन की शादी जखनी के राम अवतार के साथ आठ साल पहले की थी। रामअवतार से उसे एक सात वर्षीय बेटी कुमकुम है। रामअवतार अपने बड़े भाई व भाभी के साथ दिल्ली में रहते थे। रामअवतार का प्रेस प्रसंग उसकी भाभी से चल रहा था। किरन को रामअवतार लगातार प्रताड़ित करता रहता था। किरन ने सारी बात मायके वालों को बताई थी, लेकिन लोक-लाज के कारण सभी चुप रहे। घर में शादी के सिलसिले में राम अवतार व उसकी भाभी व भाई दिल्ली से 29 मई 2016 को आए। इसी दिन किरन पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। किरन के चिल्लाने पर ननद रिंकी व बड़ी जेठानी राधिका बचाने लगीं। लेकिन आग से वह बुरी तरह झुलस गई थीं। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचक ने नौ जनवरी 2017 को न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। न्यायालय ने किरन के मृतकालिक बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और छह गवाहों की गवाही के आधार पर रामअवतार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।