संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शनिवार को स्कूलों में छुट्टी होने के बाद रोडवेज पर जबरदस्त जाम लग गया। तमाम स्कूली वाहन, कार, ऑटो, बाइक रोडवेज पार करने के लिए घंटों जद्दोजहद करते नजर आए। कुछ देर के लिए यातायात पुलिस और होमगार्ड के जवान भी लाचार दिखे। काफी प्रयास के बाद यहां से वाहन निकल पा रहे थे। जाम खुलने में एक घंटे से अधिक वक्त लग गया।
रोडवेज के पास से गांधीनगर, रेलवे स्टेशन, जिला अस्पताल और मालवीय मार्ग का सीधा जुड़ाव है, इसलिए यहां आवागमन का दबाव अधिक रहता है। जाम से बचने के लिए सड़क के बीचोबीच डिवाइडर भी बनाए गए हैं। नेहरू और रोडवेज तिराहे पर यातायात पुलिस और होमगार्ड के जवान भी तैनात रहते हैं। बावजूद इसके जाम की समस्या खत्म नहीं हो रही है।
दरअसल, नेहरू तिराहे के पास गांधीनगर मार्ग के कुछ हिस्से से ही सड़क की दोनों पटरियों पर फुटकर दुकानदारों का कब्जा है। एक तरफ चाट पकौड़े एवं फास्ट फूड के ठेलों की भरमार है तो दूसरी तरफ सब्जी के ठेले लगाए जा रहे हैं। जयपुरवा मोड़ से बीएसएनएल गेट तक फल, चाय, नाश्ता आदि के ठेले लगे रहते हैं। दोपहर 12 बजे के बाद से इनकी संख्या बढ़ जाती है। जैसे ही दोपहर में दो बजे के बाद से स्कूलों की छुट्टी शुरू होती है तो जाम लगना शुरू हो जाता है। यहां शाम चार बजे तक नेहरू तिराहा से लेकर रोडवेज तिराहा तक लगभग सौ मीटर की दूरी आसानी से लोग नहीं पार कर पा रहे हैं।
सड़क पर स्कूली बस, रोडवेज बस जैसे बड़े वाहनों के बीच ई-रिक्शा, ऑटो, बाइक घंटों जाम में फंसे रहते हैं। शनिवार को स्कूली वाहन जाम में फंसने के कारण आसपास रहने वाले बड़े बच्चे बस से उतरकर पैदल ही घर को जाने लगे। छात्र शिवांशु ने बताया कि अक्सर रोडवेज पर आकर उनकी बस जाम में फंस जाती है। यहां से उतरकर पैदल घर जाना पड़ता है।
वहीं स्कूटी सवार रागिनी ने बताया कि आधा घंटा से रोडवेज तिराहा पर जाम में फंसी हूं।