बस्ती। वेब सीरीज, क्राइम शो, और ओटीटी के दौर में अपराधी मानसिकता वाले आइडिया लेकर युवा न केवल अपराध का ककहरा सीख रहे हैं, बल्कि पुलिस से बचने के तरीके भी ढूंढ रहे हैं। रील लाइफ से सीखी तरकीब पुलिस के लिए तफ्तीश मुश्किल बना रही है।
कुछ महीनों में चोरी, अपहरण, बाइक चोरी, लूट, हत्या और धोखाधड़ी के कई ऐसे मामलों का पुलिस ने खुलासा किया तो पता चला कि आरोपियों ने अपराध करने के तरीके फिल्मों, सीरियल या वेब सीरीज देखकर सीखे थे। परशुरामपुर में व्यापारी से लूट, शहर में हुई ताबड़तोड़ चोरियों आदि में पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस के सामने कबूल किया था कि उन लोगों ने वेब सीरीज और सोशल मीडिया पर चलने वाली रील से इसका तरीका सीखा था।
करीब तीन माह पहले कुशीनगर पुलिस ने बाइक चोरों के एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। उसमें 18 से 20 साल के नौजवान गिरफ्तार किए गए हैं। उन चाेरों ने पुलिस के सामने कबूल किया कि क्राइम की वेब सीरीज देखकर उन लोगों ने बाइक चोरी करने और पुलिस से बचने का तरीका ढूंढा।
इंटरनेट से सीखा नकली नोट बनाना
10 अप्रैल 2022 को पुलिस ने नकली नोट छापकर बाजार में खपाने वाले गिरोह के दो सदस्यों को पकड़ा था। पूछताछ में दोनों ने बताया कि उन्हें यू-ट्यूब और इंटरनेट पर आर्टिकल पढ़कर नकली नोट छापने का आइडिया मिला। इन दोनों ने लैपटॉप में पहले 200 और 500 के नोट का फोटो डाउनलोड किया। इसके बाद खास कागज पर प्रिंटर से कुछ नोट छापे। जो बाजार में चल गए। इसके बाद 52 हजार रुपये फिर छापे। जिसे चलाने के प्रयास में पकड़े गए।
वेब सीरीज देखकर किया कपड़ा व्यवसायी के बेटे का अपहरण
अप्रैल 2022 में हुई अपहरण की सनसनीखेज घटना का तानाबाना वेब सीरीज और क्राइम पेट्रोल सीरियल देखकर बुना गया था। रुधौली के कपड़ा व्यावसायी के बेटे अखंड का अपहरण करने वाले सगे भाइयों ने वेब सीरीज के अंदाज में सब्जी खरीदने निकले 13 वर्षीय अखंड को अगवा किया था। एसटीएफ गोरखपुर और बस्ती पुलिस की पांच टीमों को दोनों ने सात दिन तक छकाया। वे मोबाइल फोन का इतने शातिराना ढंग से इस्तेमाल करते रहे कि पुलिस परछाई भी नहीं छू पाई। बाद में सहजनवां से अखंड को मुक्त कराया जा सका था।
बढ़ गई हैं पुलिस की चुनौतियां
आजकल के टीन एजर्स की मानसिकता को टीवी सीरियल, वेब सीरीज, क्राइम शो आदि ने बदल दिया है। इससे पुलिस की चुनौतियां बढ़ गई हैं। इंटरनेट के जरिये उन्हें किसी भी चीज के बारे में जानने के लिए उन्हें किसी से पूछने या सिखाने की जरूरत नहीं रह गई है। इंटरनेट पर एक सवाल के तमाम जवाब उपलब्ध हैं। अगर वह आपराधिक मानसिकता का होगा तो उसे अपराध करने के तमाम तरीके आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं।
-लक्ष्मीनारायण, सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी
परवरिश पर ध्यान देने की जरूरत
कोरोना काल के बाद इंटरनेट और टीवी पर लोग दोगुना समय देने लगे हैं। ऐसे में आपराधिक मानसिकता या प्रवृत्ति वाले आइडिया लेकर अपराध को अंजाम देते हैं। नाबालिग बच्चे भी क्राइम शो, इंटरनेट, थ्रिलर मूवी और यू-ट्यूब से सीख ले रहे हैं। ऐसे बच्चों की परवरिश पर खासा ध्यान देने की जरूरत है।
-डॉ. प्रणव सिंह, सीनियर साइकोलॉजिस्ट