अपने हक के लिए मजदूरों को जागरूक होना होगा। अपनी लड़ाई स्वयं लड़नी होगी। तभी सरकारें आप की मांगों को मानने के लिए बाध्य होंगी। यह कहना है कामरेड अशर्फी लाल (एटक राज्य सदस्य) का। कामरेड सोमवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के धरने को संबोधित कर रहे थे।
डीएम कार्यालय परिसर में आयोजित धरने के बाद मांगों का ज्ञापन राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम डीएम को दिया गया। मुख्य मांगों में 1975 से कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को कर्मचारी का दर्जा, जनश्री बीमा योजना को जनरल बीमा में परिवर्तित करना, पांच वर्षीय वृद्धि को प्रतिवर्ष लागू करना, आंगनबाड़ी भवन, जबतक कर्मचारी घोषित न हो तब तक चुनाव लड़ने की छूट, पोषाहार की ढुलाई, सेंटर संचालन आदि का खर्च खाते में भेजा जाए, मौसम के अनुसार वर्दी, 15वें श्रम सम्मेलन के निर्णयों को लागू करनेे, 45 दिन के अंदर पंजीयन का प्रमाण पत्र निर्गत करना मुख्य है।
इस दौरान, वीरेंद्र प्रसाद मिश्र, राजन श्रीवास्तव, महेश सिंह, उदयशंकर शुक्ल, सुनील पांडेय, राम स्वारथ चौधरी, प्रमिला पाठक, सीमा, अनुमोदिदा, जड़ावती, उषा, संध्या, मीना, भीमराव, कालिंदी मिश्र, अनीता चौधरी, सुशीला देवी, संध्या देवी, सुशीला, कमलावती, सुनीता, सरिता, विद्या, धनपता, उर्मिला आदि लोग शामिल रहे।