बस्ती। सांऊघाट ब्लॉक के जेई प्रभावित ग्राम पंचायत जमदाशाही में वर्ष 2012-13 में स्वीकृत पाइपलाइन परियोजना पूरी होने के बाद भी को पानी नसीब नहीं हुआ। हालांकि इसे हर हाल में 2014 में पूरी तरह से संचालित हो जाना था, मगर अब तक यह चालू नहीं हो पाई। लोगों के घरों तक दो साल बाद भी पेयजल की आपूर्ति न हो सकी।
तकरीबन छह हजार की आबादी वाली ग्राम पंचायत सांऊघाट के जमदाशाही में वर्ष 2012-13 में पाइप लाइन पेयजल परियोजना स्वीकृति हुई थी। इसके तहत 450 किलोलीटर क्षमता वाले वाटर टैंक, एक पंपहाउस और 10.970 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जानी थी।
वर्ष 2013 में इसके लिए धनराशि एक करोड़ 77 लाख 54 हजार रुपये भी कार्यदाई संस्था उत्तर प्रदेश जल निगम को आवंटित कर दिए गए। परियोजना के तहत काम पूरा होकर इसे 2014 में चालू हो जाना था। काम पूरा भी हो गया मगर पेयजल आपूर्ति लोगों के घरों तक नहीं पहुंच पाई। जमीन में बिछाए गए पाइप की गुणवत्ता सही नहीं होने के कारण जब इसे चालू किया गया तो जगह जगह पाइप लीक कर गई।
ग्रामवासी संतोषी, संजय, फहीम, मकसूद अहमद ने बताया कि पंप हाउस और टैंक परिसर के गेट पर हमेशा ताला लगा रहता है। यदि कभी ट्यूबवेल को चालू किया जाता है तो पानी लोगों के घरों तक न पहुंचकर रास्ते में ही बह जाता है।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कल्लू ने बताया कि गुणवत्ता विहीन पाइप बिछाने के कारण पानी की आपूर्ति शुरू होने से पहले ही पाइप जगह-जगह टूट गए, या लीक कर गए। जल निगम के एक्सईएन का पक्ष जानने के लिए उन्हें कई बार फोन किया गया, मगर उनका फोन नहीं उठा। सीडीओ सोबरन सिंह ने कहा कि मामला उनकी जानकारी में नहीं है, फिर भी वह इस मामले को दिखवाते हैं। परियोजना पूरी होने के बाद भी यदि चालू नहीं हुई तो यह गंभीर बात है।