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खतरे की ओर सरयू नदी का जल स्तर, ग्रामीणों की उड़ी नींद

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विक्रमजोत में सरयू का कटान - फोटो : BASTI
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खतरे की ओर सरयू का जलस्तर, ग्रामीणों की उड़ी नींद
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विक्रमजोत (बस्ती)। सरयू नदी के जलस्तर में छह सितंबर से हो रही तेज बढ़ोतरी के चलते नदी खतरे के निशान की ओर बढ़ने लगी है। नदी के चढ़ाव ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या की मानें तो शनिवार की शाम चार बजे नदी का जलस्तर 92.320 मीटर रिकार्ड किया गया है। आयोग क अनुसार अपस्ट्रीम में नदी लगातार बढ़ रही है, जो खतरे के निशान को पार कर गई है। अयोध्या में नदी का जलस्तर रविवर की सुबह 92.500 मीटर पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।
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सरयू नदी के लगातार बढ़ रहे जलस्तर से विक्रमजोत क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इधर, नदी लगातार कटान करते-करते गांव से सटने लगी है। तटबंध न होने के चलते कई स्थानों पर नदी लाइन को पार कर गांव की ओर बढ़ते हुए कटान कर रही है। इसके चलते राष्ट्रीय राजमार्ग सहित अन्य राजमार्ग के किनारे बसे गांव के लिए सरयू खतरनाक रुख अख्तियार किए हुए है। भरथापुर, कल्यानपुर, पड़ाव, चांदपुर, संदलपुर समेत दर्जनों गांव कटान से प्रभावित हैं। बाढ़ खंड के जिम्मेदार कुछ स्थानों पर कटान रोकने की कोशिश में जुटे हैं। केशवपुर के शैलेंद्र कुमार मिश्र, पवन कुमार प्रजापति, परमिला, रामावती, दुर्गा पति रमेश कुमार बाघानाला के अमित कुमार, विशाल कुमार, विनोद कुमार भरथापुर के ननकू सिंह, हेमंत पांडेय, केशवचंद्र पांडेय, प्रधान संजय यादव, संदलपुर के ओमप्रकाश, रामू निषाद सहित तमाम ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन से बाढ़ के पहले कई बार तटबंध निर्माण व कटान रोकने के उपाय के बारे में बात की गई और मांग की गई पर प्रशासन की नींद बाढ़ आने पर ही खुलती है।
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