दुबौलिया क्षेत्र में बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में नाव से पशुओ के लिए घास ले जाते ग्रामीण
दुबौलिया। सरयू नदी का जलस्तर तेजी के साथ घट रहा है। रविवार को नदी खतरे के निशान 92.730 मीटर से 13 सेंटीमीटर नीचे प्रवाहित हो रही है। मैरुंड गांव विशुनदासपुर अनुसूचित बस्ती के ग्रामीण तटबंध से अब घरों को लौटने लगे हैं। सुविका बाबू एवं आंशिक टेढ़वा गांव से पानी तेजी से खिसक रहा है। गांव जाने वाली पगडंडी से पानी उतर गया है। बाढ़ प्रभावित गांवों के नागरिक काफी राहत महसूस कर रहे हैं।
पानी खिसकने से मैरूंड गांवों के रास्तों पर कीचड़ हो गया है। फिलहाल ग्रामीण अभी नाव से ही पशु चारे सहित अपनी अन्य रोजमर्रा की वस्तुएं नाव से ही ले जा रहे हैं। माझा क्षेत्र में पशु चारे का संकट अभी बरकरार है। कटरिया- चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर गांव से लेकर खलवा गांव तक दबाव बना हुआ है। इसी तटबंध के ठोकर नंबर एक पर दबाव बना हुआ है। संवेदनशील तटबंध पर बाढ़ खंड मरम्मत सामग्री लगातार डंप करवा रहा है।
गौरा-सैफाबाद तटबंध पर टकटकवा गांव से लेकर दलपतपुर गांव तक दबाव बना हुआ है । गौरा-सैफाबाद तटबंध के एसडीओ हरिश्चंद्र ने बताया की जलस्तर घट रहा है। हालत सामान्य है।
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इन गांवों में बढ़ी कटान की आशंका
विक्रमजोत ब्लॉक क्षेत्र के एक दर्जन तटवंधविहीन गांवों में कटान की आशंका बढ़ गई है। कल्याणपुर, भरथापुर, सहजौरा, फूलडीह आदि गांवों से नदी का पानी खिसकना शुरू हुआ गया है। नागरिकों को भय है कि कहीं कटान न शुरू हो जाए। यहां पखवाड़े भर पहले नदी ने कटान शुरू की थी, लेकिन कुछ घंटों के बाद कटान थम गई थी। इस बार पानी खिसकने के बाद कटान फिर शुरू हो सकती है।