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महिला अस्पताल: कोविड गाइडलाइन ताक पर, जुट रही भीड़

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महिला अस्पताल:
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कोविड गाइडलाइन ताक पर, जुट रही भीड़
ओपीडी में एक-दूसरे से सटकर खड़े हो रहे हैं मरीज
बोलीं सीएमएस- सबको किया जा रहा सतर्क, मानते नहीं लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कोरोना की तीसरी लहर का खतरा सिर पर मंडरा रहा है। मगर जिस तरह से लोग कोविड गाइडलाइन की अनदेखी कर रहे हैं, उससे नहीं लगता है कि उनके मन में किसी तरह का डर है। महिला अस्पताल में तो ओपीडी से लेकर वार्ड तक में कोविड गाइडलाइन की धज्जियां उड़ रही हैं और जिम्मेदार यह कहकर पल्ला झाड़ ले रहे हैं कि कोई उनकी सुन ही नहीं रहा है।
आइसीएमआर समेत तमाम विशेषज्ञ की ओर से चेतावनी दी जा रही है कि अगस्त तक कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है। शुक्रवार को करीब 11 बजे महिला अस्पताल के गेट से लेकर ओपीडी तक खचाखच भीड़ दिखी। पर्ची काउंटर की लंबी कतार में बिना मास्क व उचित दूरी का पालन किए बगैर लोग पंजीकरण कराने में जुटे थे। इसी प्रकार ओपीडी के बाहर भी भीड़ नजर आई। यहां ओपीडी में डॉ. सीमा चौधरी व डॉ. एसके मौर्या मरीजों को सुझाव देते नजर आए। इनके गेट पर भी छिटपुट महिलाएं मास्क तो लगाएं थीं, मगर शारीरिक दूरी का पालन नहीं किया जा रहा था। जबकि दूसरी ओर डॉ. सीमा चौधरी भी ओपीडी में बैठकर मरीजों का इलाज करती दिखीं। इसके अलावा ओपीडी खाली रही। सीएमएस डॉ. सुषमा सिन्हा ने कहा कि तीन चिकित्सकों का स्थानांतरण हो चुका है। ऐसे में ओपीडी खाली है, जरूरत पड़ती है तो वह खुद ओपीडी कर लेती हैं। ओपीडी में बैठे चिकित्सकों ने कहा कि हर मरीज को कोरोना से बचाव के लिए जागरूक किया जाता है, मगर कोई सुनने को तैयार नहीं है। वैसे मरीज की जांच करते समय उसे मास्क पहन कर ही अंदर आने दिया जाता है। सीएमएस डॉ. सुषमा सिन्हा ने कहा कि तमाम प्रयास गाइड लाइन के पालन के लिए किया जाता है, मगर यहां कोई सुनने को तैयार नहीं है। जो लोग यहां आते हैं उन्हें बताया जाता है कि कोरोना का खतरा अब भी है, केवल स्थिति सामान्य हुई है चुनौती नहीं।
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अब होगी सख्ती, की जाएगी कार्रवाई : सीडीओ
सीडीओ डॉ. राजेश प्रजापति ने कहा कि कोरोना गाइड लाइन पालन कराने के लिए पूरा तंत्र ताकत लगाए हुए है। मगर आम लोगों पर इसका कोई असर नहीं है। उन्हें यह बताया भी जा रहा है कि कोरोना का खतरा अब भी टला नहीं है। मगर सुनते ही नहीं। बाजार, अस्पताल व सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हैं। इसके अलावा सरकारी दफ्तरों में कर्मी मास्क लगाकर आते हैं मगर आम लोग यहां भी कोरोना गाइडलाइन को नहीं मान रहे हैं। इन्हें जागरूक किया जा रहा है। अब इस पर सख्ती बरती जाएगी और नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई भी की जाएगी।
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