बस्ती। जिले के टोल प्लाजा से मनमानी वसूली के खिलाफ अब ट्रक संचालकों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया है। मंगलवार को ट्रक एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक एडीएम की अध्यक्षता में हुई, लेकिन इस बैठक में भी समस्या का ठोस समाधान नहीं निकल सका।
बैठक में टोल प्लाजा मैनेजर, एएसपी, सीओ सिटी और यातायात निरीक्षक मौजूद रहे, बावजूद इसके ट्रक संचालकों का आक्रोश कम होता नहीं दिखा। बैठक में आखिरकार जो निर्णय निकला, वह भी ट्रक संचालकों को पूरी तरह संतुष्ट नहीं कर सका। एडीएम की बैठक में सिर्फ इतना तय हुआ कि मड़वानगर टोल प्लाजा पर ट्रकों से आधा टोल शुल्क लिया जाएगा।
एसोसिएशन का कहना है कि यह जख्म पर मरहम नहीं, बल्कि औपचारिकता भर है। बैठक के दौरान ट्रक एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि जिले में टोल प्लाजा के नाम पर खुली लूट हो रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वाहन स्वामियों से नियमों के खिलाफ जबरन वसूली की जा रही है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। उन्होंने बैठक में सवाल उठाया कि आखिर एक ही जिले में दो-दो टोल वसूली कैसे जायज हो सकती है। राजकुमार सिंह ने कहा कि महज 30 किलोमीटर के अंदर दो टोल प्लाजा स्थापित कर दिए गए हैं, जो कि पूरी तरह नियमों के विपरीत है। इससे ट्रांसपोर्टरों और व्यापारियों पर दोहरा आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
एसोसिएशन ने यह भी आरोप लगाया कि टोल प्रशासन ने सभी वैकल्पिक रास्तों और कटों पर बैरिकेडिंग कर दी है, जिससे वाहनों को जबरन टोल प्लाजा से होकर गुजरने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने इसे जबरन वसूली की साजिश बताते हुए कहा कि यह सीधे-सीधे नियमों और जनता के अधिकारों का उल्लंघन है।
ट्रक एसोसिएशन ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।