बस्ती। लंबित मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के कर्मचारियों
का दूसरे दिन भी धरना प्रदर्शन जारी रहा। कर्मचारी कलेक्ट्रेट परिसर में
एकत्रित होकर सरकार विरोधी नारेबाजी की।
कहा गया कि 23 फरवरी से
कर्मचारी लंबित मांगों को लेकर एक साथ पूरे प्रदेश में बेमियादी हड़ताल पर
चले जाएंगे। बाद में मुख्यमंत्री के नाम डीएम को दस सूत्रीय मांग पत्र
दिया।
बुधवार को अवकाश होने के बावजूद काफी संख्या में कर्मचारी
कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे
जिलाध्यक्ष मस्तराम वर्मा ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि कर्मचारियों
की समस्याओं को सुनने के लिए सीएम के पास समय नहीं है।
इसके चलते
कर्मचारियों को बेमियादी हड़ताल पर जाने के लिए विवश होना पड़ा। परिषद के
मंडल अध्यक्ष डाक्टर जमाल अहमद ने कहा कि प्रदेश सरकार हठवादिता छोड़कर
कर्मचारियों की मांगों पर सहानुभूति दिखाते हुए उसे पूरा करे। अन्यथा सरकार
को काफी भारी पड़ेगा।
एसएन शुक्ल ने कहा कि बुधवार को स्वास्थ्य
विभाग की सारी सेवाओं को दो घंटे के लिए बंद कर सरकार को चेताया गया है।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम अधार पाल एवं तौलू प्रसाद ने सरकार को चेताते हुए कहा
कि 22 फरवरी से पहले अगर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो 23 से
प्रदेश व्यापी हड़ताल पर कर्मचारी चले जाएंगे।
डीएन वर्मा, तिलकराम
दुबे, एपी सिंह, राजकुमार, सुग्रीव चौधरी, फुर्तलाल ने कहा कि सरकार
समस्याओं का निदान करें, अन्यथा आंदोलन को झेलने के लिए तैयार रहे। इस मौके
पर प्रमोद शुक्ल, परमात्मा प्रसाद, संतोष राव, मनोज यादव, प्रतापनरायन
शुक्ल, राजकुमार, हरीराम पाल, प्रभुनाथ, श्याम बिहारी, उमारमण, राजेश यादव,
रियाजत अली, उमेश सिंह, बृजेश श्रीवास्तव, विजय कुमार, राजेंद्र चौधरी,
रामचंद्र वर्मा, सूर्यनरायन सिंह, विश्वदेव दुबे, सुबाष मिश्र, प्रदीप
दुबे, अजय सिंह, मनीष यादव, रामसहाय, सोमई, प्रेमशंकर लाल, भानू सिंह सहित
अन्य मौजूद रहे।