पटवाई के मथुरापुर पर पीसीएफ के केंद्र पर खुले में पड़ा गेहूं । अमर उजाला
बस्ती। न्यूनतम मूल्य समर्थन योजना में गेहूं खरीद की कवायद पहली अप्रैल से शुरू हो गई। खरीद केंद्र तो खुल गए, मगर मंगलवार को दूसरे दिन भी केंद्र प्रभारी किसानों का इंतजार करते रहे। छिटपुट किसान पहुंचे भी, मगर वे गेहूं खरीद के लिए केवल तिथि मांगने आए थे। केंद्र प्रभारियों ने वहां पहुंचने वाले किसानों को तिथि भी दे दी है। हालांकि, किसानों की मानें तो अभी गेहूं खेतों में ही खड़ा है, मगर शासन के निर्देश के चलते क्रय केंद्र सक्रिय कर दिए गए हैं।
जिले में इस बार गेहूं खरीद का कुल लक्ष्य 84500 मीट्रिक टन तय किया गया है। इसके लिए कुल 153 केंद्र बनाए गए हैं। सर्वाधिक 85 केंद्र पीसीएफ के हैं, जिन्हें सहकारी समितियां संचालित करेंगी। इस बार यूपीएसएस भी खरीद में उतरा है। इसके कुल पांच केंद्र बनाए गए हैं। खाद्य एवं विपणन विभाग के 14 केंद्र के अलावा कर्मचारी कल्याण निगम, एफसीआई के भी केंद्र गेहूं खरीदेंगे। इस बार जिले में 14,822 किसानों ने अब तक पंजीकरण कराया है। अभी पंजीकरण की प्रक्रिया चल ही रही है। जिले के ग्राम रक्शा के किसान चंद्रभान पाल ने कहा कि गेहूं अभी खेतों में खड़ा है। कम से कम दस से बारह दिन में इसकी कटाई होगी। यही हाल जिले में अधिकांश स्थानों पर है। ऐसे में अभी से केंद्र खोलने का कोई औचित्य नहीं है। 15 अप्रैल के बाद ही गेहूं तैयार होगा। इसी क्षेत्र के राम उग्रह चौधरी ने कहा कि इस बार सरकार ने गेहूं की जो दर निर्धारित की है वह अच्छा है। गेहूं अभी काटा नहीं जा सका है। क्योंकि अभी पकने में कम से कम दस दिन लगेंगे। इसके बाद ही कटाई होगी। डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ त्रिपाठी ने बताया कि जिले में गेहूं बेचने का समय 15 अप्रैल से ही शुरू होता है। वैसे 12 अप्रैल से गेहूं की आमद शुरू हो जाएगी। कहा कि सभी केंद्रों को शासन के निर्देशानुसार सक्रिय कर दिया गया है। कोई भी किसान किसी भी केंद्र पर गेहूं बेच सकेगा।