बस्ती। भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने लगातार दूसरी बार विवेकानंद मिश्र पर भरोसा जता कर एक साथ कई संदेश दिए हैं।
चुनाव अधिकारी शंकर लाल लोधी, पर्यवेक्षक सुरेंद्र नारायण ओढ़े ने भाजपा कार्यालय पर करीब सवा दो बजे सूची मोबाइल पर आने बाद विवेकानंद मिश्र के नाम की घोषणा की तो लोग खुशी से उछल पड़े।
हालांकि, पद की दौड़ में शामिल अन्य दावेदारों और उनके समर्थकों के चेहरे उतर गए। कुछ दावेदार तो शीर्ष नेतृत्व के निर्देश को शिरोधार्य करते हुए तत्काल मुख्य धारा में शामिल हो लिए। अपने करीबी विवेकानंद मिश्र को फिर से जिलाध्यक्ष बनाया जाना पूर्व सांसद व भाजपा के असम राज्य के प्रभारी हरीश द्विवेदी की रणनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है।
नाम की घोषणा होने के बाद पहली प्रतिक्रिया में जिलाध्यक्ष ने भी शीर्ष नेतृत्व के बाद इसका श्रेय हरीश द्विवेदी को ही दिया। कहा कि उन पर जो भरोसा नेतृत्व ने जताया है, उस पर खरा उतरने के लिए पूरी ताकत झोंक देंगे। इससे पहले, लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले, भाजपा ने महेश शुक्ल को हटाकर विवेकानंद मिश्र को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया था।
सुबह से ही पुराना डाकखाना स्थित भाजपा कार्यालय पर कार्यकर्ताओं का जमावड़ा शुरू हो गया था। दावेदारों की लंबी फेहरिस्त और अंदरूनी खींचतान की भनक लगने पर पुलिस प्रशासन ने भी काफी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया था। नाम का ऐलान होने के बाद खुशी के इजहार का दौर शुरू हो गया।