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Basti News: मेहमान पक्षियों का चंदो ताल से मोहभंग...अब नहीं हो रहा कलरव

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ऐतिहासिक चंदोताल पंक्षी विहार से विदेशी पक्षियों ने फेरा मुंह
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नगर बाजार, बस्ती। मुख्यालय से दस किमी दूर चंदो ताल मेहमान पक्षियों के लिए कभी मशहूर हुआ करता था। यहां हर साल बड़ी संख्या में विदेशी पक्षी आकर डेरा डालते रहे। प्रजनन के बाद उनकी संख्या में इजाफा होता है। इधर एक दशक से शिकारियों ने ऐसा जाल बिछाया कि अब चंदो पाल मेजबानी लायक नहीं रह गया। चार किमी चौड़ाई और पांच किमी लंबाई में फैले एतिहासिक चंदो ताल से अब मेहमान पक्षियों का कलरव अब गायब हो चुका है।
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ठंड के दस्तक देते ही मेहमान पक्षियों का बसेरा चंदो ताल में होता रहा है। साइबेरियन, ब्राह्मणी बत्तख, जंगली हंस, सुरखाब जैसे कई प्रवासी पंक्षियों की धमक से इस ताल का सौंदर्य लोग खूब निहारते थे। इस बार चंदो ताल सूना नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों व पर्यावरण प्रेमियों के अनुसार ताल का पानी लगातार कम हो रहा है। जलकुंभी का फैलाव और आसपास बढ़ते मानवीय हस्तक्षेप के कारण पक्षियों का आना कम हो गया है।

जानकार बताते हैं कि अभी एक दशक पहले तक तालाब की सतह पर सुबह-शाम हजारों प्रवासी पक्षियों की कलरव गूंजती थी। धीरे-धीरे उनका कलरव गायब हो गया। बुजुर्ग बताते हैं कि चंदो ताल में प्रवासी पक्षियों का आगमन हम लोग लंबे समय से देख रहे हैं। इधर कुछ वर्षों में तालाब की उपेक्षा, सफाई का अभाव और प्रकृति का परिवेश बिगड़ने से सुंदर प्रवासी पक्षी अब यहां नहीं आ रहे हैं। पर्यावरण के जानकार बताते हैं कि चंदो ताल की सफाई, पर्याप्त पानी की व्यवस्था जैव-विविधता संरक्षण के लिए जरूरी है।
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नवंबर से यूरोप और मध्य एशिया से आते रहे मेहमान पक्षी
हर साल यूरोप और मध्य एशिया से लालसर, नार्दन पिटनेल, कॉमन टील, मार्श हैरियर, पिनटेल डक, नॉदर्न शवलर,पोचार्ड, रफ, ब्लैक विंग्ड स्टाइट, ब्लैक टेल्ड गॉडविट व आस्परे आदि प्रजाति के विदेशी पक्षी नवंबर माह से ही पहुंचते रहे। बर्फीली जगहों से आने वाले यह पक्षी सर्द का सीजन बिताकर लौट जाते थे। स्थानीय लोग बताते हैं कि इन पक्षियों का मोह भंग होने में शिकारियों की भूमिका सबसे ज्यादा है। मछली पकड़ने के बहाने ताल में जाल बिछाकर पक्षियों को फंसाकर उन्हें बेच देते हैं। जिससे उनकी संख्या में भारी गिरावट आई है। इसके अलावा ताल में सिल्ट और जलकुंभी, जलीय खरपतवार, जमा होने से ताल उथला हो गया है। इसका प्राकृतिक स्वरूप बदल गया है।

कोट
विदेशी पक्षियों के आगमन के लिए अभी मौसम अनुकूल नहीं है।15 दिसंबर के बाद विदेशी पक्षियों का आगमन शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि ताल की सफाई के लिए शासन से नौ लाख रुपये विभाग विभाग को मिला है। ताल के सफाई का काम तेजी से चल रहा है।
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-डॉ. सिरीन, डीएफओ।
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