अइला घाट बभनान मार्ग का निर्माण कार्य अधूरा कर छोड़ देने से राहगीरों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क निर्माण की मांग को लेकर रविवार को हलुआ के सावडीह चौराहे पर अपना दल के प्रदेश कोषाध्यक्ष राम सिंह पटेल एवं जिला उपाध्यक्ष रामकुमार पटेल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने अधूरी सड़क का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने की मांग लेकर विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
बभनान से 15 किलोमीटर दूर अइलाघाट मार्ग का मरम्मत कार्य हलुआ बाजार तक कराया गया। मगर आगे लगभग चार किलोमीटर अधूरा कर छोड़ दिया गया। इससे सड़क पर बिखरी गिट्टियां राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। मार्ग से आने-जाने वाले लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को सुबह-शाम उठानी पड़ रही है। इससे स्थानीय नागरिकों में आक्रोश है।
क्षेत्र की समस्याओं को लेकर जिला पंचायत सदस्य एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष अपना दल राम सिंह पटेल ने कहा कि सड़क निर्माण न होने से स्थानीय लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। इसके लिए कई बार विभाग को पत्र भी दिया जा चुका है मगर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जिला उपाध्यक्ष रामकुमार पटेल ने कहा कि ठेकेदार की लापरवाही के चलते पिछले चार माह से सड़क का निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। इसका खामियाजा यहां की जनता भुगत रही है। उन्होंने कहा कि इसी मार्ग से लोगों का बस्ती सोनहा, बभनान, गौर, भानपुर, डुमरियागंज होते हुए बलरामपुर एवं दूसरे देश नेपाल को लोग जाते हैं। बावजूद इसके महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण कर छोड़ दिया गया है। पटेल ने कहा कि यदि एक सप्ताह के अंदर सड़क का निर्माण कार्य नहीं कराया गया तो अपना दल प्रदर्शन करने को बाध्य होगा। इसकी पूर्ण जिम्मेदारी विभाग और शासन प्रशासन की होगी।
प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से केशव प्रसाद पटेल, अतुल पटेल,गुड्डू पटेल, मोहम्मद इकबाल, अजीत वर्मा, जगराम गोंड़, बिमला देवी, यशोधरा देवी, चंद्रिका वर्मा, राम भोले गुप्ता, रमेश सिंघानिया, रोहित वर्मा, जितेंद्र वर्मा, ओंकार त्रिपाठी, लालजी वर्मा, धर्मपाल, राजू, सीता राम, इसहाक अली सहित अन्य मौजूद रहे।
जातिगत आरक्षण के विरोध में पीएम को ज्ञापन
बस्ती। जातिगत आरक्षण समाप्त करने, पदोन्नति में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का पालन किए जाने, एकल पद से आरक्षण समाप्त करने आदि मांगों को लेकर सवर्ण लिबरेशन फ्रंट संयोजक दीन दयाल त्रिपाठी के नेतृत्व में रविवार को निपनिया चौराहे पर प्रधानमंत्री को पत्र भेजो अभियान शिविर लगाया गया।
लगभग 500 लोगों ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर आरक्षण के सवाल पर प्रधानमंत्री से शीघ्र उचित निर्णय करने की मांग की। एसएलएफ संयोजक ने कहा कि जातिगत आरक्षण योग्यता का खुला अपमान है। योग्यता की जगह राजनीतिक कारणों से जातियों को महत्व दिया जाना युवाओं के साथ कुठाराघात है। कहा कि हरियाणा में पदोन्नति में आरक्षण लागू करने का राज्य सरकार का निर्णय और बिहार में निजी क्षेत्र में आरक्षण लागू किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण और चिन्ताजनक है। पदोन्नति में आरक्षण औचित्यविहीन है। एकल पद आरक्षण संविधान की मंशा के विरुद्ध है। शिविर के संचालन और प्रधानमंत्री को पत्र लिखने में नागेन्द्र प्रसाद मिश्र, चन्द्र प्रकाश, विपिन, हैदर अली, गौरव पाण्डेय, कुलदीप दूबे, राजमणि पाण्डेय, उपेन्द्र दूबे, सत्य प्रकाश मिश्र, अशोक कुमार मिश्र, ब्रह्मदेव मिश्र, निजामुद्दीन, जमील अहमद, राम निरंजन, गुलाब चन्द्र, अवनीश शुक्ल, कृष्ण कुमार, कृष्ण प्रताप नारायण मिश्र, अनिल कुमार भारती, सूरज गौड़, राजू मिश्र, जगदीश प्रसाद मिश्र, प्रवेश शुक्ल आदि ने सहयोग किया।