मुंडेरवा (बस्ती)। नगर पंचायत मुंडेरवा के धुसवा गांव (गांधी नगर वार्ड) में चीनी मिल से उड़ रहे बगास के कण और राख से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इससे नाराज कस्बे के लोगों ने शुक्रवार को मुंडेरवा शुगर मिल गेट पर प्रदर्शन किया। करीब चार घंटे तक रस्साकशी चलती रही। कुछ लोगों ने बस्ती-कांटे मार्ग पर आवागमन अवरुद्ध करने का भी प्रयास किया लेकिन उन्हें हटा दिया गया। इस दौरान मिल के गेट से बाहर निकलने को लेकर मजदूरों और प्रदर्शनकारियों की झड़प भी हुई। कर्मचारियों पर लोहे की रॉड से हमला करने का भी आरोप है। उसके बारे में थाने में तहरीर दी गई है। मिल प्रबंधन के एक सप्ताह के अंदर समस्या के समाधान के आश्वासन पर प्रदर्शन समाप्त हुआ।
मुंडेरवा चीनी मिल से उड़ रही बगास और राख से परेशान धुसवा गांव (गांधी नगर वार्ड) के लोगों ने एक महीने पहले विश्व हिंदू महासंघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह के नेतृत्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया था। साथ ही मिल के प्रधान प्रबंधक अभिषेक पाठक से वार्ता भी हुई थी। उस समय प्रधान प्रबंधक ने तुरंत बगास के ढेर को प्लास्टिक शीट से ढकने का आश्वासन दिया था। मगर समस्या का समाधान नहीं हुआ। पिछले एक सप्ताह से तेज पछुआ हवा चलने से ग्रामीणों की समस्या फिर बढ़ गई। खुली हवा में सांस लेना दूभर होने लगा तो ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया। वे हिंदू महासंघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह के नेतृत्व में चीनी मिल गेट पर धरने पर बैठ गए। बाद में मिल प्रबंधन, नायब तहसीलदार घनश्याम शुक्ल और प्रदर्शन कारियों के बीच समाधान के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ।
इस अवसर पर निषाद पार्टी की महिला जिलाध्यक्ष मनीषा निषाद, अमित चौधरी, रिंकू चौधरी, सात्विक, जुगुल किशोर चौधरी, पवन चौधरी, राजेश सिंह, अंशु पांडेय, आशुतोष जायसवाल, अजय सिंह टीकू, बलिराम भारती, लाला, चंद्रमोहन चौधरी, दाता राम मौर्य, फूलचंद चौधरी, राधेश्याम चौधरी, यशोदा, मीना, वंदना, प्रभावती, मीना, यशोदा, इंद्रप्रकाश, युवराज सिंह, सोहनलाल वर्मा, प्रिंस पटेल, संदीप मिश्रा, बुद्धिराम, रघुराज सहित सैकड़ों महिला और पुरुष उपस्थित रहे।
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प्रधान प्रबंधक को गांव में ले गए
धरना स्थल पर पहुंचे प्रधान प्रबंधक अभिषेक पाठक ने बात करना चाहा तो धरने पर बैठे लोगों ने उनसे गांव में चल कर समस्या को देखने की बात की। प्रधान प्रबंधक गांव में पहुंचे और समस्या को खुद महसूस किया। ग्रामीणों ने समस्या के तुरंत निदान की बात की। जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह और भाजपा नेता प्रमोद पांडेय ने प्रधान प्रबंधक से वार्ता की तो उन्होंने तत्काल बगास के ढेर पर पॉलिथीन शीट लगवाने और एक सप्ताह में पूरी तरह से समस्या को समाप्त करने का आश्वासन दिया।
इस आश्वासन पर माने प्रदर्शनकारी
- प्रधान प्रबंधक अभिषेक पाठक ने बताया कि ग्रामीणों व कस्बे के लोगों के घरों में बगास से काफी दिक्कत हो रही है। समस्या के समाधान के लिए बगास पर पानी डलवाया जा रहा है। बचे बगास से जल्द से जल्द बिजली बना कर उसे समाप्त कर दिया जाएगा। साथ ही गांव की तरफ की बाउंड्रीवाल को ऊंचा कराकर बाड़ लगाई जाएगी।
कावा के गड्ढों में पाट दिए हैं राख
- चीनी मिल में पेराई बंद होने के बाद चिमनी से राख उड़नी तो बंद हो गई, लेकिन लोगों को उड़ती राख की परेशानी से निजात नहीं मिल पाई। कस्बे के लोगों का कहना है कि परिसर में गन्ना लदे वाहनों को खड़ा करने के लिए बनाए गए कावा में गड्ढे हो गए थे। उधर की जमीन भी नीची थी, जिसे मिल की राख से पाट दिया गया है। इधर, पछुआ हवा के कारण वह राख उड़कर पूरे कस्बे में फैल रही है।
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कमरों में लग जाता है बगास का ढेर
- धुसवा निवासी अमित चौधरी ने बताया कि चीनी मिल के बगास के ढेर से हवा चलते समय पूरे गांव में बगास का गुबार उड़ता है। जिससे बगास घर के बाहर ही नहीं, कमरे में भी बगास का ढेर लग जाता है।
सांस लेने में आ रही तकलीफ
- अखिलेश सिंह ने कहा कि उड़रहे बगास से गांव के लोगों को सांस लेने में तकलीफ होती है। भोजन में भी इसके कण उड़कर गिरते रहते हैं। डाक्टर बताते हैं कि इससे लोगों में टीबी, दमा के रोग होने का डर है।
शादी में आ रही बाधा
- धुसवा निवासी सात्विक पटेल ने बताया कि हवा चलते ही बगास उड़कर लोगों की आंखों में पड़ जाती है। बताया कि इस गांव में लड़कों की शादी देखने जो आता है वह उड़ती बगास देखकर वापस लौट जाता है।
समाधान नहीं हुआ तो फिर करेंगे आंदोलन
- चंगेरा मंगेरा के पूर्व प्रधान राजेश सिंह ने कहा कि एक सप्ताह में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो मिल प्रशासन के खिलाफ बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन करेंगे।