दुबौलिया। वित्तीय अनियमितता के मामले में दोषी पाई गईं बर्दिया लोहार ग्राम पंचायत की निवर्तमान प्रधान अंजली को प्रशासक पद से हटा दिया गया है। जिलाधिकारी कृतिका ज्योत्स्ना ने अब सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) दुबौलिया को अग्रिम आदेश तक ग्राम पंचायत का प्रशासक नियुक्त किया है।
मामला ग्राम पंचायत में वित्तीय अनियमितता से जुड़ा है। अंतिम जांच में निवर्तमान प्रधान अंजली पर अपने पति के बड़े भाई (जेठ) की फर्म का चयन करने और अलग-अलग तिथियों में उक्त फर्म को कुल 33 लाख 62 हजार 657 रुपये का अनियमित भुगतान करने का आरोप सही पाया गया था। इसके अलावा ग्राम पंचायत के निर्माण कार्यों में लगाए गए श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान भी अपने व्यक्तिगत खाते में प्राप्त करने के मामले में उन्हें दोषी पाया गया था। प्रशासन की ओर से 33.62 लाख रुपये की रिकवरी का आदेश भी जारी किया गया था।
बताया गया कि अप्रैल 2025 में तत्कालीन ग्राम प्रधान के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार जिलाधिकारी ने प्रतिबंधित कर दिए थे। इसके बावजूद ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त होने के बाद निवर्तमान प्रधान को ही संबंधित ग्राम पंचायत का प्रशासक नियुक्त कर दिया गया।
इसी मामले को लेकर रिट याचिकाकर्ता सूरज सिंह की ओर से 22 मई 2026 को हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। बाद में प्रशासक बनाए जाने के संबंध में अवमानना याचिका भी दाखिल की गई। मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने अंजली को प्रशासक पद से हटाकर एडीओ पंचायत दुबौलिया को यह जिम्मेदारी सौंप दी।
अब एडीओ पंचायत दुबौलिया अग्रिम आदेश तक बर्दिया लोहार ग्राम पंचायत के प्रशासक के रूप में कार्य करेंगे।