बस्ती। राजनीति के धुरंधरों ने इस निकाय चुनाव में खासी मशक्कत की, बावजूद उनका सारा राजनीतिक कौशल धरा का धरा रह गया और जनता ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। नतीजतन दिग्गजों को अपने ही घर में हार का सामना करना पड़ा। अब ये लोग अपनी हार की समीक्षा में जुटे हैं।
नगर निकाय का चुनाव जिले में खासा रोचक रहा। भाजपा के गढ़ माने जाने वाले शहर के किले को सपा की नेहा वर्मा ने ढहा दिया। यह सब कुछ पार्टी ने नहीं, बल्कि उनके पति अंकुर वर्मा की मेहनत थी। भाजपा के तमाम धुरंधर पालिका चुनाव में पूरे दमखम से लगे थे, मगर उनकी सारी मेहनत पर जनता ने पानी फेर दिया। हालांकि इस चुनाव में भाजपा को पिछले चुनाव के मुकाबले अधिक वोट मिले, मगर सपा की नेहा ने जीत का ताज पहना।
सबसे दिलचस्प मुकाबला नगर बाजार, हर्रैया, बभनान व रुधौली नगर पंचायतों में रहा। इन सीटों पर धुरंधर राजनीतिज्ञ बिसात बिछाए थे। महादेवा विधानसभा के क्षेत्र नगर पंचायत नगर बाजार से सुहेलदेव भासपा के विधायक दूधराम ने अपनी पत्नी लता देवी को बसपा के टिकट पर मैदान में उतारा था। लता देवी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष भी थीं। यहां हुए चुनाव में उन्हें 1394 मत मिले और वह पांचवें स्थान पर रहीं। दूसरे स्थान पर निर्दल प्रत्याशी मनोज कुमार रहे। मनोज कुमार को 2274 मत मिले, जबकि यहां पूर्व ब्लाक प्रमुख नीलम सिंह को 2386 मत मिले और उनके सिर जीत का सेहरा सजा। विधायक दूधराम ने कहा कि निकाय चुनाव में हार की समीक्षा की जा रही है। वह मैदान में क्षेत्रीय विकास का मुद्दा लेकर आए थे।
अब बात करते हैं हर्रैया नगर पंचायत की। यहां सपा के कौशलेंद्र सिंह 4486 मत पाकर कुर्सी हासिल की है। इनके खिलाफ मैदान में रहे नंद लाल गुप्ता को 3748 व तीन बार नगर पंचायत अध्यक्ष रहे राजेंद्र प्रसाद गुप्ता को 2735 मत मिले थे। नंद लाल को भाजपा के स्थानीय विधायक पूरी ताकत दे रहे थे, मगर जनता ने दोनों दिग्गजों को सिरे से नकार दिया और कौशलेंद्र को निकाय का अध्यक्ष बना दिया। बभनान नगर पंचायत में तो दो दिग्गजों के बीच ही मुकाबला रहा। दो बार से नगर पंचायत की गद्दी पर काबिज सपा के सईद के सामने भाजपा ने स्थानीय व्यापारी नेता प्रबल मलानी को मैदान में उतारा था। प्रबल ने 6151 मत हासिल किए। राजनीतिक विश्लेषकों की उम्मीद पर प्रबल का बल भारी पड़ गया। सईद की राजनीतिक गणित का ताने-वाना बिखेर गया। सईद को 4609 मत से संतोष करना पड़ा और वह चुनाव हार गए।
रही रुधौली नगर पंचायत की बात तो पूर्व विधायक संजय प्रताप जायसवाल पूरे दलबल के साथ मैदान में अपनी पत्नी संगीता जायसवाल को उतारे थे। भाजपा ने टिकट दिया और संजय पूरी मजबूती से चुनावी अभियान में जुट गए। पूर्व विधायक के रणनीतिक कौशल पर सपा के धीरसेन निषाद का सामाजिक रिश्ता भारी पड़ गया और उन्हें 4242 मत मिले। पूर्व विधायक की पत्नी संगीता चुनाव ही नहीं हारीं बल्कि तीसरे स्थान पर चली गईं। संगीता को 2021 मत मिले, जबकि आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार राजकुमार सोनी 2956 मत पाकर दूसरे स्थान पर रहे। राजकुमार सोनी भाजपा के बागी भी थे। पूर्व विधायक संजय जायसवाल ने कहा कि रुधौली में भाजपा की पराजय का कारण भितरघात था, जिसे मैं देर से समझ पाया।