बस्ती। झमाझम बारिश के बीच कार ड्राइविंग का लुत्फ उठाने वालों के लिए सावधानी बेहद जरूरी है। हल्की सी चूक हादसे का कारण बन जाती है। इस मौसम में गाड़ी के फिसलकर सड़क के किनारे गड्ढे में गिरते देर नहीं लगती। जुलाई की शुरुआत में बारिश के दौरान कई वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे। कहीं- कहीं पानी भर जाने से पता नहीं चलता कि सड़क पर कहां गड्ढा है कहां समतल है। ऐसे में सावधानी हटी तो दुर्घटना घटी का स्लोगन सार्थक हो जाता है।
यातायात की बारीकियों को समझने वालों का कहना है कि बारिश में ड्राइविंग करने में बेहद जोखिम है। ग्रामीण क्षेत्र से जुड़ी अलकतरा वाली सड़क पर भी कीचड़ से फिसलन हो जाती है। ऐसे स्थान पर अचानक ब्रेक लगाना हो तो गाड़ी मुश्किल से कंट्रोल होगी। कार के अंदर भाप बनने लगते हैं। वाइपर अच्छे न होने से सामने विजिबिलिटी कम हो जाती है।
लंबे समय से कार गैरेज संचालक दीपक सिंह कहते हैं कि नमी और कीचड़ से नुकसान से बचाने के लिए डीजल और जला मोबिल मिलाकर गाड़ी की बॉडी के निचले हिस्से, इंजन के आसपास और लीफ स्प्रिंग (कमानी) पर लगाएं। इस मिश्रण का इस्तेमाल डिस्क ब्रेक, कैलिपर्स, व्हील ड्रम और रबर पार्ट पर न करें।
हेड लाइट से नहीं दिखती सड़क
26 वर्षों से एक बड़े व्यापारी की कार चला रहे रघुराम का कहना है कि सबसे ज्यादा खतरनाक स्थिति रोड पर विजिबिलिटी कम होने से होती है। रात के वक्त हेड लाइट की रोशनी गुम हो जाती है और सड़क मुश्किल से दिखाई देती है। शीशाबंद गाड़ी में भीतर भाप बन जाता है, जिससे बाहर दिखाई नहीं देता। तकनीकी जानकारों का कहना है कि रोड का रंग काला होने की वजह से रोशनी रिफलेक्ट नहीं होती।
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पुरानी काराें के बदलें रेफ्लेक्टर
वाहन चलाते समय आपको बढ़िया दृश्यता की आवश्यकता होती है। मानसून के दौरान, दृश्यता का स्तर काफी कम हो जाता है जो अंततः ड्राइवरों और पैदल चलने वालों के लिए खतरनाक हो सकता है। जब लगातार बारिश होती है, तो आपसे कुछ मीटर आगे देखना भी बहुत मुश्किल हो जाता है। यह जांच लें कि वाहन की हेडलाइटें धुंधली और पीली होने के बजाय स्पष्ट और चमकदार हैं। यदि पुरानी कार है, तो आपको हेडलाइट में लेंस और रेफ्लेक्टर को बदल देना चाहिए ताकि आपको अपनी हेडलाइट से अधिकतम लाभ मिल सके। अपनी हेडलाइट्स हमेशा धीमी रखें ताकि विपरीत दिशा में चलने वाले वाहनों पर आपकी नजर न पड़े।
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सेफ ड्राइविंग के छोटे-मोटे टिप्स
कार के टायर्स हमेशा अच्छे कंडीशन में हों।
- ब्रेक, वाइपर ब्लेड और वाश पाइप सिस्टम सही रखें।
- हेड लाइट के अलावा एक्स्ट्रा लाइट लगवा लें।
- पानी में कार बंद हो तो बाहर निकालने के बाद स्टार्ट न करें।
- कभी भी सड़क के ज्यादा किनारों पर न ले जाएं।
- गाड़ी फंसने पर निकालने के लिए रस्सी और बेलचा रखें।
- इमरजेंसी के लिए कार में टॉर्च और मेडिकल किट जरूर रखें।