बस्ती। शहर का पॉश इलाका कंपनी बाग की सड़क से सटाकर सुबह से ही सब्जी मंडी सज जाती है। इससे इस इलाके में सुबह-शाम भीषण जाम लग रहा है। नौकरीपेशा हों या फिर कचहरी और कलक्ट्रेट के फरियादी जाम में फंस कर समय से मंजिल तक नहीं पहुंच पाते हैं। कर्मचारी समय से कार्यालय में एंट्री नहीं कर पाते तो वादकारी के कोर्ट में पहुंचने से पहले ही पुकार हो जाती है। ऐसा भी नहीं है कि कंपनी बाग में लगने वाले जाम से अधिकारी वाकिफ नहीं हैं। यहां तक कि एडीएम, एसडीएम समेत आधा दर्जन आला अफसरों के आवास के सामने ही यह दुकानें लग रही हैं।
सुबह तो कुछ गनीमत, मगर शाम का जाम तो हलकान कर देने वाला होता है। सुबह पांच बजे से सब्जी लदी गाड़ियां सड़क के दोनों तरफ पेट्रोल पंप से लेकर एडीएम आवास के सामने तक खड़ी होने लगती हैं। सात बजे के बाद फुटकर दुकानदारों की भीड़ जुटती है। यह थोक व्यापारियों से साग-भाजी की खरीदारी करने लगते हैं। कुछ दुकानदार सामान लेकर चले जाते हैं तो अधिकतर फुटकर दुकानदार वहीं सड़क के किनारे दुकान सजाकर बैठ जाते हैं।
इसके बाद तो शहरियों सब्जी खरीदने की भीड़ जुट जाती है। आजकल सुबह 10 बजे तक सब्जी मंडी सज रही है। इससे जाम की समस्या खड़ी हो रही है। सरकारी नौकरी करने वाले राम प्रताप ने बताया कि सुबह इसी रास्ते दफ्तर जाना होता है। कंपनीबाग से आगे बढ़ते ही जाम लगा रहता है। यहां फुटपाथ पर सब्जी की दुकान और सड़क पर खरीदार रहते हैं। इनसे बचकर निकलने में रोजाना कार्यालय पहुंचने में देर होती है।
बनकटी के वादकारी अश्विनी कुमार कहते हैं कि यह कचहरी और अफसरों के आवासीय क्षेत्र का इलाका होने के बाद भी यहां अवैध ढंग से सब्जी की दुकानों का अतिक्रमण है। इस मंडी को कहीं और शिफ्ट करना चाहिए। इससे आने-जाने में कठिनाई नहीं होगी। जखनी के राजेंद्र कहते हैं कि शाम को शास्त्री चौक से कंपनी बाग तक पांच सौ मीटर की दूरी में बाइक भी चलाना कठिन रहता है। सब्जी मंडी सजने से पूरी सड़क पर खरीदारों और दुकानों की भरमार रहती है। व्यवस्था में सुधार होनी चाहिए।
राहगीर बोले
पॉश इलाका होने के बावजूद कंपनी बाग में जाम लगना यह दर्शाता है कि नगर पालिका अतिक्रमण रोकने में नाकाम है, जबकि इसी रास्ते से प्रशासनिक अधिकारी कलक्ट्रेट जाते हैं। प्रशासन को इस समस्या का स्थायी समाधान ढूंढना चाहिए।
-संदीप सिंह, महदेखावां
जब शहर के पॉश इलाके कंपनी बाम में अतिक्रमण का यह हाल है तो अन्य इलाकों का क्या हाल होगा, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। कंपनी बाग हो या गांधीनगर का इलका, शाम को मिनटों की दूरी घंटों में बदल जाती है।
-पिंकू गौड़, फुटहिया
कोट
कंपनीबाग और शास्त्री चौक तक सड़क पर सब्जी दुकानों को पुलिस प्रशासन के सहयोग से हटवाया जाएगा और आवागमन को सुचारू किया जाएगा। अतिक्रमण किसी भी नहीं होने दिया जाएगा।
-अंगद गुप्ता, ईओ नगर पालिका