बस्ती। अफरातफरी में संपन्न हुई यूपी बोर्ड परीक्षा के बाद अब मूल्यांकन की आपाधापी है। 17 मार्च यानी शनिवार से शुरू होने जा रहे मूल्यांकन के बुनियादी संसाधन अभी मुहैया नहीं हो सके। सबसे बड़ी समस्या राजकीय इंटर कालेजों में सीसी कैमरे लगवाने की है। मूल्यांकन नियंत्रकों का कहना है कि शासन से सीसी कैमरे लगवाने के लिए धन मुहैया नहीं हुआ। बजट आते ही कैमरे लगवाए जा सकेंगे।
मुख्य परीक्षा नियंत्रक/जिला विद्यालय निरीक्षक डा. बृजभूषण मौर्य का कहना है कि वीडियो कांफ्रेंसिंग में कई बार बजट भेजेन का आश्वासन दिया गया था लेकिन अभी नहीं आया। इसलिए जीआईसी और जीजीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर कैमरे अभी नहीं लगे। यदि समय रहते शुक्रवार रात तक भी उस मद में धन आ गया तो कैमरे इंस्टाल कर लिए जाएंगे। उधर, प्रभारी एसपी नरेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि चारों मूल्यांकन केंद्र पर अनावश्यक आवागमन बंद किया जाएगा। शांति-सुरक्षा को लेकर बाकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
- जिले के चार मूल्यांकन केंद्रों पर करीब आठ लाख उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होगा। राजकीय इंटर कालेज, राजकीय कन्या इंटर कालेज केंद्र पर इंटरमीडिएट और श्रीकृष्ण पांडेय इंटर कालेज व गोविंदराम सक्सेरिया मूल्यांकन केंद्र पर हाईस्कूल की पुस्तिकाओं का मूल्यांकल होगा। जीजीआईसी की प्रधान परीक्षक नीलम सिंह ने बताया कि उनके यहां 02 लाख 55 हजार 243 कापियों का मूल्यांकन होगा। इसी औसत में बाकी केंद्र पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रिया पांडेय को कोठार का प्रभार सौंपा गया है। श्रीकृष्ण पांडेय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य योगेश शुक्ल ने बताया कि वहां चित्रकला, हिंदी, उर्दू आदि विषयों का मूल्यांकन होगा। जबकि सक्सेरिया में विज्ञान, गणित आदि विषय का मूल्यांकन होगा।
- शनिवार को मूल्यांकन शुरू करने से पहले केंद्र नियंत्रक, डिप्टी हेड, उप परीक्षक, परीक्षकों से लेकर मूल्यांकन से जुड़े सभी शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को उसी केंद्र पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिसमें मूल्यांकन के दौरान सावधानियां, हिदायत और नए दिशा निर्देशों के बारे में ब्रीफ किया जाएगा।
यदि किसी परीक्षार्थी को किसी विषय/प्रश्नपत्र में प्राप्तांक का 90 प्रतिशत या इससे अधिक रहा तो उन कापियों का फिर से मूल्यांकन होगा। परीक्षकों को ऐसी उत्तरपुस्तिका का गहन मूल्यांकन करते हुए अपने उप प्रधान परीक्षक को उपलब्ध कराएंगे। उप प्रधान परीक्षक उस पर अपनी आख्या अंकित करते हुए मूल्यांकन करेंगे।
- यदि किसी परीक्षार्थी ने सवाल का आधा उत्तर सही लिखा है तो भी उसे नंबर दिया जाएगा। भले ही आधा गलत हो लेकिन जितना सही होगा,उसी अनुपात में अंक दिए जाएंगे। पिछले वर्षों में इसे लेकर तमाम भ्रांतियां सामने आई थीं। खासकर जिले और स्टेट लेबल पर मेरिट बनाते समय जब माइक्रो मार्किंग करना पड़ता है,तब स्टेप मार्किंग की अहमियत समझ आती है। कई बार टापर्स को कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाना पड़ा। जानकार मानते हैं कि इस कदम से शिकायत दूर होगी।
- मूल्यांकन केन्द्र पर सख्त निगरानी की व्यवस्था की गई है। मूल्यांकन केंद्र के दो सौ मीटर के दायरे में मैनेजमेंट का कोई भी व्यक्ति रह सकेगा। केंद्र के प्रधान परीक्षक की जिम्मेदारी होगी कि वह सुनिश्चित करेंगे कि कोई दखलंदाजी न करे।