बस्ती। यूरिया खाद की किल्लत एक-दो दिन में खत्म होने वाली है। यूरिया के लिए किसानों की डिमांड बढ़ गई है। अब डीएपी की डिमांड घटी हुई है। ऐसे में यूरिया की रैक लगनी शुरू हो गई है। सोमवार को इफको कंपनी की यूरिया खाद 14 सौ एमटी और मैट्रिक्स यूरिया 325 एमटी प्राप्त हुई है।
इसमें से 11,00 एमटी सहकारी समितियों को आवंटित किया जा रहा है। जबकि 625 एमटी निजी क्षेत्र को दिया जाएगा। अगले दिन मंगलवार को एनएफएल कंपनी की 14,27 एमटी यूरिया पहुंचने की संभावना है। इसका भी आवंटन निर्धारित कर दिया गया है। जिले के 70 सहकारी समितियों पर 560 एमटी यूरिया उपलब्ध बताई जा रही है। जबकि डीएपी की उपलब्धता 665 एमटी है।
वर्तमान रबी सीजन में नवंबर तक यूरिया खाद के 10,955 मीट्रिक टन के सापेक्ष 23786 एमटी उपलब्धता हो चुकी है। इसमें से 12,265 एमटी का वितरण भी हो चुका है। डीएपी 93,33 एमटी के सापेक्ष उपलब्धता 13,503 एमटी एवं वितरण 93,40 एमटी का हुआ है। एनपीके 17,33 एमटी के सापेक्ष 76,94 एमटी उपलब्धता और 32,22 एमटी का वितरण हुआ है।
एसएसपी 34,12 एमटी के सापेक्ष 19,542 एमटी की उपलब्धता और 49,48 एमटी का वितरण किया जा चुका है। एआर कोआपरेटिव आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि समितियों पर यूरिया की कमी नहीं है। अगले दो दिन में सभी समितियों पर इसकी आपूर्ति कर दी जाएगी। पीओएस मशीन से किसानों में यूरिया का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।
कोट
यूरिया एवं डीएपी की जिले में पर्याप्त उपलब्धता है। समितियों और निजी क्षेत्र की दुकानों पर रैक से सीधे आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। अनुदानित मूल्य पर ही किसानों को खाद उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कहीं से ओवर रेटिंग या रेट लिस्ट चस्पा न किए जाने की शिकायत मिलेगी तो कार्रवाई होगी।
-डॉ. बाबूराम मौर्य, जिला कृषि अधिकारी, बस्ती।