बस्ती। रेलवे मालगोदाम पर उतरने वाली रैक से लेकर वितरण केंद्र सहकारी समिति और निजी क्षेत्र की दुकानों तक यूरिया की चेकिंग की जा रही है। महकमा अब वितरण में गड़बड़ी पाने के बाद कार्रवाई उतर आया है। शनिवार को दो जोतबही से अधिक यूरिया आवंटन का मामला पकड़ में आने के बाद जिला कृषि अधिकारी (डीएओ) डॉ. बाबूराम मौर्य ने दो दुकानों का लाइसेंस निलंबित कर दिया। इसके अलावा रैक प्वाइंट एवं सहकारी समिति का निरीक्षण भी किया।
शनिवार को इंडोरामा यूरिया की एक हजार एमटी रैक यहां पहुंची। डीएओ ने टीम के साथ रेलवे मालगोदाम पहुंचकर रैक प्वाइंट का निरीक्षण किया। उन्होंने समितियों/ निजी उर्वरक बिक्री केंद्रों पर नियमानुसार यूरिया आवंटित करने के निर्देश दिए। इसके बाद वह चौधरी खाद भंडार दिक्तोली का निरीक्षण करने पहुंचे। यहां पीओएस स्टॉक व भौतिक स्टाॅक का मिलान किया गया। मामला सही पाया गया। दुकान पर वाॅल पेंटिंग/ रेट बोर्ड नहीं पाए जाने पर डीएओ संचालक को नोटिस निर्गत किया।
वहीं केंद्रीय उपभोकता सहकारी भंडार समिति पुरैना पांडेय में निरीक्षण के दौरान 260 बोरी यूरिया उपलब्ध पाई गई। डीएओ ने किसानों से फीड बैक भी लिया। वहीं जांच के दौरान वर्मा खाद भंडार परशुराम और चौधरी खाद भंडार हर्रैया में जोतबही से अधिक मात्रा में यूरिया दिए जाने का मामला पकड़ में आया। इस आरोप में डीएओ ने दोनों दुकानों का लाइसेंस निलंबित कर दिया। संबंधित दुकान संचालकों से स्पष्टीकरण भी तलब किया है।
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9996 एमटी यूरिया अभी भी उपलब्ध
डीएओ डॉ. मौर्य ने बताया कि जिले में यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता है। वर्तमान में 9996 एमटी यूरिया का स्टॉक हैं। रबी सीजन में अभी तक जिले में 24871 एमटी यूरिया का वितरण हो चुका है। इसकी रैक भी लगातार प्राप्त हो रही है। कुछ जगहों पर वितरण में अनियमितता पाई जा रही है। ऐसे दुकान और समिति संचालकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी उर्वरक विक्रेता अपने दुकान पर खाद का अनुदानित मूल्य तथा सरकार द्वारा दिए जाने वाले सब्सिडी का विवरण का जरूर अंकन कराए। खतौनी के अनुसार किसानों का पीओएस मशीन में अंगूठा लगवाने के बाद ही खाद का वितरण करें।