पुलिस लाइन मे आईजी मोहित अग्रवाल ने प्रेस वार्ता किया।
सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट डायल-100 सेवा (अब यूपी-100) की तैयारियों का शनिवार को आइजी मोहित अग्रवाल ने जायजा लिया। यहां पुलिस लाइंस में चल रहे स्टाफ व पायलट (ड्राइवर) आदि के प्रशिक्षण का निरीक्षण किया। परियोजना के प्रशिक्षु आरक्षियों-उप निरीक्षकों से परियोजना से जुड़े सवाल पूछे और उनकी शंकाओं का समाधान किया। इसके बाद आइजी ने प्रेसवार्ता के दौरान पूरी परियोजना के बारे में विस्तार से बताया।
चूंकि रेंज व जिले के कंट्रोल रूम में सबसे ज्यादा शिकायतें जमीनी विवाद को लेकर मारपीट आदि की आती हैं। ऐसे में जब डायल-100 टीम सूचना पाकर जब मौके पर पहुंचेगी तो कार्रवाई क्या करेंगी ? पत्रकारों के इस सवाल के जवाब में आइजी ने कहा कि सूचना मिलने 10 या 15 मिनट में जब टीम मौके पर पहुंचेगी तो शांति-व्यवस्था कायम करने के बाद एक तो स्पाट को सुरक्षित कर लेगी, ताकि घटना स्थल के सबूत से छेड़छाड़ न हो सके। दूसरे आसपास के लोगों से वह पूछताछ करके घटना की असली वजह और प्रकार समझकर थाने को रिपोर्ट देगा। बाकी कानूनी कार्रवाई थाने से होगी। ऐसे में कोई भी व्यक्ति घटना को बढ़ा चढ़ाकर नहीं बता सकेगा। आइजी का मानना है कि फर्जी सूचनाएं रुकेंगी।
आइजी ने स्पष्ट किया कि डायल 100 परियोजना थाने के समानांतर कोई अलग से सेवा नहीं है, बल्कि थाने की सहयोगी इकाई होगी। मैन पावर की कमी पूरी करने के लिए आइजी ने बताया कि एक वर्ष के भीतर नई भर्तियों के माध्यम से कमी पूरी कर ली जाएगी। इस दौरान डीआइजी लक्ष्मी नारायण,एसपी कृपाशंकर सिंह, एएसपी रोहित मिश्र,सीओ सिटी आदि मौजूद रहे।