अल्ट्रासाउंड के लिए आई गर्भवती को वापस लौटना पड़ा संवाद
बस्ती। जिला महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन खराब होने से मरीजों और तीमारदारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दो दिन की मशक्कत के बाद भी इंजीनियर मशीन को ठीक नहीं कर सका। अब अस्पताल प्रशासन ने नई अल्ट्रासाउंड मशीन के लिए महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को प्रस्ताव भेजा है।
जिला महिला अस्पताल में रोजाना करीब 350 से 400 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। इनमें 40 से 50 गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड किया जाता था। एक सप्ताह से जांच सेवा ठप होने के कारण गर्भवती महिलाओं समेत अन्य मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए करीब पांच किलोमीटर दूर मेडिकल कॉलेज या निजी जांच केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज की दूरी और आने-जाने की परेशानी के चलते कई मरीज निजी केंद्रों पर जांच करा रहे हैं। यहां अल्ट्रासाउंड के लिए उन्हें करीब 800 से 900 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
सॉफ्टवेयर में खराबी, पार्ट बदलने पर भी नहीं बनी मशीन : अस्पताल प्रशासन के अनुसार अल्ट्रासाउंड मशीन के सॉफ्टवेयर में खराबी आई है। इंजीनियर दो बार मशीन की जांच कर चुका है। इस दौरान दूसरी मशीन के कुछ पार्ट लगाकर भी उसे चालू करने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। मशीन के लंबे समय से खराब होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीएमएस डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि मशीन का सॉफ्टवेयर खराब है। इंजीनियर के प्रयास के बाद भी मशीन ठीक नहीं हो सकी। नई मशीन के लिए इंडेंट भेज दिया गया है। जल्द मशीन उपलब्ध होने की उम्मीद है, जिससे मरीजों को राहत मिलेगी।
नई मशीन आने के बाद उसका सीएमओ कार्यालय में पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत पंजीकरण कराया जाएगा। इसके बाद ही अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा शुरू की जा सकेगी।