गुरुवार को गौरा धुंधा गांव में बने वर्ष 2020 में बने सामुदायिक शौचालय के एक ही कमरे में दो टायलेट सीट लगाने का मामला सोशल मीडिया में वायरल हुआ। प्रकरण जिले स्तर के अधिकारियों के संज्ञान में आते ही खलबली मच गई। डीपीआरओ नमिता शरण ने स्वच्छ भारत मिशन के जिला सलाहकार राजा शेर सिंह व विष्णुदेव नाथ तिवारी को उसी दिन मौके पर जांच के लिए भेजा। जांच में भारी अनियमितता पाई गई। मौके पर महिला व पुरूष के लिए एक ही प्रवेश द्वार, एक कमरे में दो सीट लगी पाई गई। उसके फाटक भी टूटे मिले। शौचालय का फर्श व टाईल्स टूटा मिला और टायलेट शीट धंस गई थी। शौचालय को गड्ढों से जोड़ने वाला पाइप बिना चैंबर के सीधे गड्ढे से जोड़ा पाया गया।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि जेई ने इसकी निगरानी बिल्कुल नहीं की और मनमाने ढंग से एमबी कर दिए। इतना ही नहीं, सामुदायिक शौचालय के मरम्मत के नाम पर 46 हजार रुपये निकाल लिए गए लेकिन कोई मरम्मत कार्य नहीं कराया गया। जांच रिपोर्ट डीएम प्रियंका निरंजन के पास शुक्रवार को पहुंची तो तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। जिसके बाद जिला विकास अधिकारी अजीत कुमार श्रीवास्तव ने गौरा धुंधा ग्राम पंचायत के पूर्व सचिव नीरज कुमार, वर्तमान सचिव पूनम श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
डीएम ने पूर्व प्रधान नीलू पाल व वर्तमान प्रधान बिंदू देवी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं सीडीओ राजेश कुमार प्रजापति ने राजेश कुमार गुप्त अवर अभियंता लघु सिंचाई के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है।