सियाराम की हत्या में दो लोग नामजद
खनन में बाधा बनने पर हत्या करने का आरोप
मृतक के भाई की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा
अपने खेत में बालू खनन रोकने को लेकर परेशान थे सियाराम
16 जुलाई को जमीन के कागजात दिखाने खेत में गए थे सियाराम
संवाद न्यूज एजेंसी
गायघाट। बालू खनन में बाधा उत्पन्न करने की वजह से कलवारी थाने के महुआपार खुर्द निवासी सियाराम की हत्या किए जाने का आरोप है। मृतक के भाई अमरनाथ राजभर की तहरीर पर पुलिस ने खनन कराने वाले दो आरोपितों पर हत्या करने और शव छिपाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है। सीओ कलवारी आलोक प्रसाद ने बताया कि आरोपित रामललित राजभर और मुकेश चौधरी में से किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। तलाश की जा रही है।
महुआपार खुर्द निवासी अमरनाथ राजभर ने कलवारी पुलिस को दिए तहरीर में आरोप लगाया था कि हमारे जमीन में इसी थानाक्षेत्र के टेंगरिहा राजा गांव निवासी बालू ठेकेदार रामललित राजभर और लालगंज थानाक्षेत्र के महादेवा निवासी मुकेश चौधरी की ओर से बालू खनन कराया जा रहा था। भाई सियाराम के विरोध करने पर इन दोनों ने अपने सहयोगियों के साथ 15 जुलाई को गाली देते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद साजिश के तहत 16 जुलाई को सियाराम के खेत का कागजात मांगा था। सियाराम शुक्रवार की दोपहर तीन बजे के करीब महुआपार खुर्द बालू खदान स्थल पर गए थे। जिसके बाद वह लापता हो गए। काफी खोजबीन के बाद भी पता नहीं चल सका। परिवार के लोग जब खदान पर पूछने गए तो बताया गया कि वह काफी पहले वहां से चले गए थे। अगले दिन शनिवार को गांव के चरवाहों से जानकारी हुई कि बालू खदान से 20 मीटर दूरी पर झाड़ी में सियाराम का शव पड़ा है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। आसपास के चौक चौराहों पर तरह-तरह के चर्चाओं का बाजार गर्म है।