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Basti News: दो और आरोपी गिरफ्तार ,नागेश पर 15 हजार का इनाम

Fri, 04 Oct 2024 03:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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शक्ति हत्याकांड: पकड़े गए आरोपियों ने बताया, रात आठ बजे हुआ था अपहरण, 10:30 बजे फेंका गया शव
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अपने गांव के गेट तक कार से पहुंचा था शक्ति सिंह, तटबंध पर हत्या करने की बात कबूली
- नगर थानाक्षेत्र के रानीपुर निवासी शक्ति सिंह की हत्या का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। नगर थाने के रानीपुर निवासी शक्ति सिंह की हत्या में शामिल 15-15 हजार रुपये के इनामी दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर बृहस्पतिवार को न्यायालय में पेश किया। जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अपहरण और हत्याकांड में इस्तेमाल की गई स्कार्पियो भी बरामद कर ली गई है। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस ने कई जगह दबिश दी,पर वे नहीं मिले। नागेश सिंह सहित अन्य प्रकाश में आए आरोपियाें पर 15-15 हजार रुपये पुरस्कार घोषित किया गया है। पुरस्कार राशि जल्द बढ़ाने की उम्मीद है।
पूछताछ में रवि सिंह और शैलेश सिंह ने करीब-करीब वही कहानी पुलिस को बताई, जैसी पहले पकड़े गए मनोज शुक्ला ने बताई थी। पुलिस के मुताबिक दोनों ने रात करीब आठ बजे रानीपुर गेट के पास से शक्ति सिंह को उठा लिया था। वहां से सभी लोग मुंह बांधकर गौरा-सैफाबाद तटबंध के किनारे तिवारीपुर गांव के पास ले गए। जहां सिर पर पत्थर से वार करके मौत के घाट उतार दिया गया। देर रात करीब साढ़े 10 बजे उसके मरने की पुष्टि होने के बाद शव को बोरे में भरकर नदी में डाल दिए। संयोग से बोरा डूबने के बजाए बहकर तटबंध के किनारे आकर टिक गया। 26 सितंबर को सुबह ग्रामीणों की नजर पड़ गई थी। इस केस में अब तक छह नाम सामने आ चुके हैं, जिनमें दुबौलिया थाने के फेंसा निवासी मनोज शुक्ल, रानीपुर निवासी रवि सिंह और शैलेश सिंह निवासी कैदहा खुर्द थाना गगहा जनपद गोरखपुर हालमुकाम राना नागेश सिंह का मकान रानीपुर गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। मुख्य आरोपी नागेश सिंह और दो अन्य की तलाश की जा रही है।
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बता दें कि दुबौलिया थानाक्षेत्र के सैफाबाद बंधे के किनारे स्थित तिवारीपुर गांव के पास 26 सितंबर को सुबह मवेशी चरा रहे थे। तभी तटबंध के पत्थरों पर खून देखा गया। शक होने पर आसपास नजर दौड़ाने लगे तो पानी में बोरे में भरा हुआ कुछ दिखाई दिया। सूचना पर पुलिस पहुंची तो बोरे में युवक का शव मिला। बाद में उसकी पहचान शक्ति सिंह के रूप में हुई। शाम को उसके भाई विक्रम सिंह ने तहरीर देकर गांव के नागेश सिंह ने रवि सिंह,शैलेश सिंह और मनोज शुक्ला आदि पर केस दर्ज कराया। आरोप लगाया कि इन लोगों ने 24 सितंबर को कोतवाली क्षेत्र के मूड़घाट पर उनका भाई शक्ति दाह संस्कार में गया था। वहां से लौटकर घर नहीं पहुंचा था।


अर्टिगा से गेट के पास उतरा और हो गया अपहरण
- पुलिस सूत्रों के मुताबिक दाह संस्कार में काफी देर हो गई थी। किसी अर्टिगा कार से शक्ति अपने गांव के गेट तक पहुंचा। वहां से पैदल घर की तरफ जा रहा था। कुछ कदम आगे बढ़ते ही पीछे से स्कार्पियो लेकर रवि सिंह, शैलेश सिंह आदि पहुंच गए। उन लोगों ने उसे गाड़ी में खींचकर मुंह बांध दिया और कलवारी की तरफ लेकर चले गए।

बोरे से जुड़े नागेश के घर के तार
- जानकार बताते हैं कि बोरे की वजह से ही शव धारा में बह जाने के बजाए किनारे आकर टिका। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस सूत्रों का कहना है कि बोरे में भरने के साथ ही उसमें वजनदार पत्थर भी भरे गए थे। प्लान था कि शव डूब जाएगा और कभी बाहर नहीं आ पाएगा। मगर पत्थर बोरे से सरक गए और शव फूलने के बाद किनारे आकर टिक गया। यह भी लोग कह रहे हैं कि अगर बोरा न होता तो शव जलीय जीव खा गए होते। पुलिस का यहां तक कहना है कि वह बोरा नागेश सिंह के घर से आलू खाली करके ले जाया गया था।
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बार-बार बोलता था अपशब्द,देता था हत्या की धमकी
- पुलिस की जांच में पाया गया है कि शक्ति सिंह अपनी आदतों के चलते मारा गया। वह बार-बार सार्वजनिक रूप से किसी को भी अपशब्द कह देता था। कई बार नागेश सिंह को भी उसने अपशब्द कहते हुए जान से मारने की धमकी तक दे चुका था। उसके संपर्क में आने वाले लोग बताते हैं कि किसी से भी उलझ जाना उसकी फितरत में शामिल था। पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को बताया कि इन्हीं सब वजह से उन लोगों ने उसे मारा।
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गाड़ी से उतरने तक का फुटेज
- पुलिस को सीसीटीवी फुटेज जो मिला है उसमें नागेश सिंह कहीं से लौटकर अपने घर के दरवाजे तक पहुंचे। गाड़ी से उतरकर मोबाइल बंद कर लिए। उसके बाद सीसीटीवी कैमरे भी बंद हो गए। इसलिए बाद का फुटेज पुलिस को नहीं मिल रहा है।
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