फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Basti News: 42 करोड़ रुपये के घपले में दो ठेकेदार दोष मुक्त

Sun, 26 Nov 2023 10:45 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
विज्ञापन
विज्ञापन
बस्ती। वर्ष 2018-19 में पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड में हवा में बनी सड़क पर 42 करोड़ रुपये के गोलमाल के मामले में ब्लैक लिस्ट किए गए श्रेणी ए एवं बी के 13 ठेकेदारों में से दो को दोष मुक्त कर दिया गया है। जबकि इन श्रेणी के 11 और सी एवं डी श्रेणी के 27 ठेकेदार अब भी कार्रवाई की जद में है। कार्रवाई से मुक्त ठेकेदारों में मेसर्स गोविंद माधव के प्रोपराइट संतोष पांडेय और एटी कांस्ट्रक्शन की प्रोपराइटर रंजना श्रीवास्तव शामिल हैं। दोनों ठेकेदारों की कारण बताओ नोटिस 20 जून को ही प्रमुख अभियंता पीडब्ल्यूडी ने समाप्त कर दी थी।
विज्ञापन




इस मामले में पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के तत्कालीन एक्सईएन, दो सहायक अभियंता बर्खास्त किए जा चुके हैं। 13 अवर अभियंताओं पर कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। मगर, इस मामले में ठेकेदार कार्रवाई से वंचित रखे गए थे। 28 अक्तूबर को जनपद भ्रमण पर आए लोक निर्माण मंत्री के समक्ष सांसद ने ठेकेदारों पर कार्रवाई न होने का मुद्दा उठाया था। इसी के बाद ठेकेदारों पर कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई।
डीएम के अनुसार शासन से ए और बी श्रेणी के 13 ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट घोषित कर दिया गया था। मगर, इसमें शामिल दो ठेकेदारों की कारण बताओ नोटिस 20 जून को प्रमुख अभियंता स्तर से समाप्त होने के कारण उन्हें कार्रवाई की जद से बाहर किया गया है। डीएम ने इन दोनों ठेकेदारों की नोटिस समाप्त करने का उल्लेख करते हुए प्रमुख सचिव को पत्र भी भेजा गया है। बाकी ए, बी, सी एव डी श्रेणी के 38 ठेकेदारों को अभी भी कार्रवाई की जद में रखा गया है।
विज्ञापन




कार्रवाई की जद में हैं ये प्रमुख ठेकेदार

ब्लैक लिस्ट में शामिल 13 में से 11 ठेकेदार अब भी कार्रवाई की जद में है। इसमें जर्नादन पाठक, महेंद्र प्रताप सिंह, शिव शक्ति कंपनी, चौधरी कांस्ट्रक्शन रमवापुर, तारा कांस्ट्रक्शन आवास विकास, शिक्षा शक्ति कांस्ट्रक्शन गाना, प्रेम सागर गुप्ता गौरा, जय प्रकाश सिंह, सतेंद्र बहादुर सिंह, व संजय कुमार शामिल है। इसके अलावा सी और डी श्रेणी के 27 अन्य ठेकेदारों को भी नोटिस थमाया गया है।

ये है प्रकरण



वर्ष 2018 से पूर्व पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड में विभिन्न मदों में उपलब्ध धन को सड़क निर्माण के नाम पर निकाल लिया गया था। शासन स्तर से इन कार्यों की अनुमति भी नहीं ली गई थी। मामला पकड़ में आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। इसमें तीन विभागीय अधिकारी बर्खास्त किए जा चुके हैं। जबकि 16 अवर अभियंताओं पर कार्रवाई चल रही है। गाेलमाल का यह मामला अभी ठंडा नहीं हुआ है। विभाग अब ठेकेदारों पर कार्रवाई करना शुरू कर दिया है।



काली सूची में शामिल दो ठेकेदारों का नोटिस पहले ही समाप्त हो चुका है। शासन स्तर से ही यह लोग कार्रवाई से बाहर किए गए हैं। शेष 38 ठेकेदारों की रिपोर्ट कार्रवाई के लिए शासन को भेज दी गई है।
विज्ञापन


-केशव लाल, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, प्रांतीय खंड
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें