ठंड से बचने के प्रयास में जुटे।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
पहाड़ों पर ठंड से मैदानी इलाके थर्रा रहे हैं। बेतहाशा पड़ रही ठंड ने आमजन जीवन बुरी तरह से प्रभावित हो गया है। विक्रमजोत क्षेत्र में दो लोगों की मौत हो गई। बच्चों पर यह ठंड भारी पड़ रही है। किसानों को खुद के साथ ही फसल बचाने की चिंता सता रही है। बृहस्पतिवार को फोरलेन पर भी सामान्य लोगों की आवाजाही बहुत कम रही।
जिला अस्पताल की ओपीडी से लेकर वार्डों तक ठंड का असर है। जिला अस्पताल में जहां आम दिनों में 800 मरीज आते हैं वहींं बृहस्पतिवार को 350 मरीजों की ओपीडी रही। चिल्ड्रेन वार्ड में 22 मरीज भर्ती हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डा. पंकज शुक्ला ने बताया कि ठंड के चलते केवल सांस, निमोनिया व कोल्ड डायरिया से पीड़ित बच्चे ही आ रहे हैं।
उन्होंने अिभ्ाभावकों को बच्चों को लेकर सतर्क रहने की नसीहत दी। डायरिया का संदेह होने पर ओआरएस घोल पिलाएं और डाक्टरी सलाह लें। डा. शुक्ल ने कोल्ड डायरिया में जिंक व पानी की कमी होती है। अस्पताल में इसकी दवाएं मौजूद हैं। एसआईसी डा. एके श्रीवास्तव ने कहा कि ठंडक के चलते मरीज कम आ रहे हैं। फिर भी चिकित्सालय प्रशासन सक्रिय है। अस्पताल में दवाएं भरपूर हैं।
विक्रमजोत प्रतिनिधि के अनुसार, गुरुवार सुबह नौ बजे विक्रमजोत कस्बे के रामजी(30) नित्यक्रिया के लिए जा रहे थे कि अचानक गश खाकर गिर पड़े। थोड़ी समय बाद पहुंची पत्नी रामजी को गिरा देखकर उठाने लगी तो शरीर ठंड से ऐंठ चुकी थी। आनन-फानन में परिवार वालों ने एंबुलेंस से सीएचसी विक्रमजोत पहुंचाया।
डॉक्टर ने रामजी को मृत घोषित कर दिया। कनरवपुर के आफतदीन (65) की बुधवार देर रात तबीयत बिगड़ने लगी। शरीर में अकड़न देख लोग निजी अस्पताल ले गए। डॉक्टर ने उपचार के बाद जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। जिला अस्पताल के रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। आफतदीन सब्जी बेच कर घर के पांच सदस्यों का जीविकोपार्जन करते थे। घरवालों का कहना था कि जैतापुर बाजार से सब्जी बेचकर लौटे तो कांप रहे थे। अलाव से सुधार हुआ। देर रात अचानक कंपकंपी की शिकायत की।