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Basti News: हत्थे चढ़े हत्या की साजिश रचने के दो आरोपी, एक की तलाश

Thu, 06 Feb 2025 12:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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संवाद न्यूज एजेंसी
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बस्ती। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के बैदोलिया अजायब गांव निवासी अधिवक्ता चंद्रशेखर यादव का अपहरण कर हत्या में मुख्य भूमिका निभाने के आरोपी संदीप यादव उर्फ मोनू और अनुराग यादव उर्फ राघवेंद्र को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया।
वारदात में इस्तेमाल की गई स्कार्पियो भी बरामद कर ली गई, जिसे हत्या के बाद अधिवक्ता के ऊपर चढ़ा दी गई थी। पुलिस की पूछताछ में दोनों आरोपियों ने जमीन और मुकदमे बाजी को लेकर चल रही रंजिश को हत्या की वजह बताया। केस में अभी आदित्य यादव निवासी किशुनपुर मौजा थान्हा खास फरार है।
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पुलिस लाइंस प्रेक्षागृह में प्रभारी एएसपी सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी और सीओ रुधौली स्वर्णिमा सिंह ने संयुक्त प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि हर्रैया थाने के साथ स्वाॅट और सर्विलांस टीम ने मुखबिर की सूचना पर बुधवार तड़के 2:30 बजे हर्रैया क्षेत्र के थान्हा खास गांव के एकडंगी मोड़ के पास से दोनों आरोपियों को धर दबोचा।
दोनों अपने परिवार के लोगों से मुलाकात करने की कोशिश में गांव जा रहे थे। पकड़े गए संदीप उर्फ मोनू ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उसके रिश्तेदार चंद्रशेखर यादव अधिवक्ता होने का फायदा उठाकर उसके परिवार को प्रताड़ित करवा रहे थे। अपनी भड़ास निकालने के लिए कई केस दर्ज करा दिए थे। मोनू के मुताबिक उसके परिवार से जिसकी भी रंजिश रहती थी, उसकी मदद में वह जुट जाते थे। आजिज आने पर उनकी हत्या की गई।
बता दें कि बैदोलिया अजायब गांव के चंद्रशेखर यादव पुत्र कृष्ण चंद्र यादव बस्ती कचहरी में अधिवक्ता थे। उनकी बहन की शादी हर्रैया थाना क्षेत्र के खम्हरिया गंगाराम में हुई थी। बहन सोनमती का पति रंजीत से विवाद था। 25 जनवरी की शाम को गांव के बजरंगी यादव के साथ चंद्रशेखर बोलेरो से महराजगंज बाजार आए थे। देर शाम करीब 7:30 बजे घर जाते समय हर्रैया थाना क्षेत्र के नरायनपुर तिवारी गांव के पास एक स्कार्पियो ने बोलेरो को ओवरटेक कर रोक लिया और चंद्रशेखर को खींचकर अपनी स्कार्पियो में बैठाकर महराजगंज की ओर चले गए। बजरंगी ने पुलिस और परिवार के लोगों को फोन करे जानकारी दी।
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उन्हें लहूलुहान हालत में गनेशपुर बाजार स्थित पेट्रोल पंप के पर पाया गया। जिला अस्पताल ले जाने पर चंद्रशेखर को मृत घोषित कर दिया गया था।
आजिज आकर सोहित ने शुरू की वकालत ः गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने बताया कि चंद्रशेखर यादव अधिवक्ता होने का फायदा उठाकर अपने ही बहनोई और उसके परिवार को तंग कर रहे थे। वकील होने की वजह से पुलिस प्रशासन उनके दबाव में आ जाता था और विपक्षियों की कोई सुनवाई नहीं होती थी। लगातार वैसी परिस्थिति आने की वजह से विनय उर्फ सोहित ने भी विधि की पढ़ाई कर अधिवक्ता बना।
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