एसओ कलवारी आलोक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सुनीता का राकेश सरोज से दोस्ती होने के बाद दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया। 15 अप्रैल 2022 को राकेश अपने परिवार के कुछ लोगों के साथ बस्ती आया और सुनीता से सगाई कर ली। राकेश ने सुनीता को बताया था कि वह सप्लाई विभाग में इंस्पेक्टर है और कोलकाता में उसका फ्लैट है।
सगाई होने के बाद सुनीता कोलकाता जाकर उसके मकान का पता लगाने लगी तो पता चला कि उसकी शादी पहले हो चुकी है और दो बच्चे भी हैं। पत्नी से संबंध ठीक न होने के कारण वह अपने मायके कोलकाता ही रहती थी। यह जानकारी होने के बाद भी सुनीता ने राकेश से संबंध बनाए रखा और उससे रुपये लेती रही।
बघौड़ा बाग में की गई हत्या
नौ जनवरी को राकेश अपने घर से लखनऊ जाने के बाद कह कर निकला रात को 1:00 बजे कुसौरा आकर उसने सुनीता को फोन पर बताया कि वह 02 लाख 85 हजार रुपये आरटीजीएस कर रहा है मगर ट्रांजैक्शन फेल हो जा रहा है। इस पर सुनीता ने अपने गांव के पास के बगिया में उसे बुलाया और रुपए मांगने लगी। राकेश ने अगले दिन रुपये लेकर आने के बाद कहा और बस्ती शहर में जाकर रामा लाज में रुक गया।
दूसरे दिन यानी 10 जनवरी को रात में राकेश सुनीता से मिलने उसके गांव बाघौड़ा के बगिया में पहुंचा। जहां कुछ देर बाद योजना के मुताबिक सुनीता के पिता विनोद और उसके पूर्व प्रेमी पिंटू पहुंच गए। तीनों ने मिलकर राकेश के गले में रस्सी कसकर उसे मौत के घाट उतार दिया।
उसका शव झाड़ियों में छिपा दिया। अगले दिन पिंटू पांडे की मोटरसाइकिल से सुनीता के पिता और पिंटू पांडे ने शव को सुजावलपुर के पास नहर में ले जाकर फेंक दिए। छानबीन के दौरान पुलिस ने जब राकेश के मोबाइल का डिटेल निकाला तो सुनीता के बारे में जानकारी हुई और कड़ी से कड़ी जुड़ती चली गई।