बस्ती। चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे जिला महिला अस्पताल से संबद्ध चार चिकित्सकों का स्थानांतरण हर्रैया स्थित 100 बेड महिला अस्पताल के लिए हो गया है। ऐसे में यहां इमरजेंसी सेवा कभी भी ठप हो सकती है। महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सुधांशु द्विवेदी ने एडी हेल्थ बस्ती मंडल को पत्र लिखकर कार्यरत चिकित्सकों को वैकल्पिक व्यवस्था होने तक रिलीव न करने को कहा है।
जिला महिला अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ के नौ पद स्वीकृत हैं, जबकि यहां पर केवल एक महिला व एक पुरुष चिकित्सक तैनात हैं। सीएमओ के अधीन कार्यरत चार चिकित्सकों को यहां संबद्ध कर काम चलाया जा रहा था। शासन स्तर से इन संबद्ध चिकित्सकों का स्थानांतरण महिला अस्पताल हर्रैया के लिए कर दिया गया है। सीएमओ ने इन्हें रिलीव करने के लिए पत्र भी जारी कर दिया है। जानकारों का कहना है कि इन संबद्ध चिकित्सकों की सूचना शासन स्तर पर नहीं होने के कारण यह समस्या हुई है। शासन में ये चिकित्सक सीएमओ के अधीन कार्यरत प्रदर्शित हो रहे होंगे। सीएमएस जिला महिला अस्पताल का कहना है कि अगर इन चिकित्सकों को यहां से हटा दिया गया तो अस्पताल में चौबीस घंटे इमरजेंसी सेवा का संचालन संभव नहीं होगा। यहां संबद्ध चिकित्सकों को कार्यमुक्त न किए जाने के संबंध में एडी हेल्थ से बात की है।
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मेडिकोलीगल में होगी समस्या
जिला महिला अस्पताल में मेडिकोलीगल के केस भी आते हैं। महिला चिकित्सक द्वारा मेडिको लीगल किया जाता है। संबद्ध चिकित्सकों के हट जाने के बाद यहां पर केवल एक महिला चिकित्सक रह जाएंगी। उनके अवकाश पर होने या अन्य ड्यूटी के दौरान मेडिको लीगल कार्य भी ठप पड़ सकता है। यह एक गंभीर समस्या खड़ी होगी।
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ओपीडी में आती हैं लगभग 250 महिलाएं
जिला महिला अस्पताल की ओपीडी में हर रोज लगभग 250 महिलाएं इलाज के लिए आ रही हैं। ओपीडी में तीन से चार चिकित्सक ड्यूटी देते हैं। चिकित्सकों की कमी होने पर ओपीडी बंद होने की नौबत आ सकती है। इसके अलावा महिला अस्पताल में प्रतिदिन 10 सर्जरी भी हो रही है। जबकि तकरीबन 50 सामान्य डिलीवरी होती है।