फर्जी स्थानांतरण पत्र से चार ने हासिल की शिक्षा विभाग में नौकरी
- संयुक्त शिक्षा निदेशक की जांच में सामने आया मामला, तीन की सिद्धार्थनगर और एक की संतकबीरनगर में है तैनाती
- कार्रवाई की भनक लगते ही फरार हो गए चारों अपने कार्यस्थल से नरारद
नीरज श्रीवास्तव
बस्ती। मंडल के सिद्धार्थनगर व संतकबीरनगर जिले में फर्जी स्थानांतरण पत्र के सहारे शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल करने का मामला प्रकाश में आया है। इसकी जांच संयुक्त शिक्षा निदेशक मनोज कुमार द्विवेदी ने स्वयं की। मामला सही मिलने पर उन्हाेंने चारों कनिष्ठ सहायकों के खिलाफ केस दर्ज कराने व वेतन वसूली की कार्रवाई के लिए संबंधित जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है। तीन सिद्धार्थनगर और एक संतकबीरनगर जिले में तैनात है। जेडीई ने चारों की सेवा समाप्ति का नोटिस भी जारी किया है।
संयुक्त शिक्षा निदेशक ने बताया कि एक शिकायत के आधार पर मंडल के तीनों जिलों से स्थानांतरित होकर आए लिपिकों के तैनाती स्थल की जांच कराई गई। जांच में पता चला कि सिद्धार्थनगर जिले के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बांसी में तैनात रामाज्ञा, राजकीय कन्या इंटर कालेज डुमरियागंज में तैनात सुग्रीव वर्मा, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोनहाताल में तैनात मनोज कुमार और संतकबीरनगर जिले के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धौरहरा में तैनात अनिरुद्ध कुमार जिन विद्यालयों से स्थानांतरित होकर यहां आए हैं वहां इस नाम का कोई व्यक्ति कभी तैनात ही नहीं रहा।
जेडीई ने बताया कि पहले सभी को सत्यापन के बाद कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। मगर किसी ने भी जवाब नहीं दी। चार- चार पत्र भेजे गए, मगर उत्तर नहीं मिला। इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए जब पत्रावली चली तो पता चला कि यह चारों दिसंबर 2019 से ही कार्य स्थल पर नहीं आ रहे। अब इनकी सेवा समाप्ति का अंतिम नोटिस 30 सितंबर 2020 को भेजा गया है। इस पर भी कोई जवाब नहीं मिला तो उनके सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।