गौर। पूर्वोत्तर रेलवे के गौर-टिनिच रेलवे स्टेशन के बीच कैथोलिया गांव के पास रविवार रात करीब आठ बजे मालगाड़ी की चपेट में आने से ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने वाले झारखंड के एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो थी। परिजनों के इंतजार में तीसरे दिन मंगलवार को भी शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। पुलिस का कहना है कि मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। देर रात तक उनके आने की संभावना है।
ट्रेन हादसे में सुरक्षित बची महिला आरती परिवार के सदस्यों को खोने का गम नहीं भूल पा रही है। वह अब भी कुछ बताने की स्थिति में नहीं है। उसके मुंह से बस यही निकल रहा है कि यह सब कैसे हो गया। मेरा बेटा कब आएगा। पुलिस का कहना है कि मृतक परिजनों के आने पर ही हादसे की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। आरती ने पुलिस को पूछताछ में यह बात जरूर बताया है कि हम लोग टिनिच क्षेत्र के एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी का काम करने झारखंड के जिला लातेहार थाना मनिका गांव पलिया कला से यहां आए हुए थे।
आरती को लेकर पुलिस दो दिन तक चक्कर काटती रही, लेकिन कोई ईंट भट्ठा मालिक मजदूरों के बारे में कुछ बताने को तैयार नहीं है। पुलिस का कहना है कि ये सभी लोग क्षेत्र के किसी ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने वाले लग रहे हैं और वहीं से कहीं जाने के लिए निकले थे, तभी ट्रेन हादसे के शिकार हो गए। हालांकि इसकी अभी स्पष्ट पुष्टि नहीं हो पाई है।
हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों के परिजनों का पुलिस इंतजार कर रही है। चौकी प्रभारी टिनिच सचिंद ने बताया कि मृतक के परिजनों को हादसे के बारे में सूचना दी गई है। तीनों शव को मर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए रखा गया है। परिवार के सदस्यों के आने पर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू होगी।