फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Basti News: कंगाल कर दे रहा ट्रेडिंग स्कैम...अमीर बनने की लालसा में फंस रहे युवा

Tue, 21 Jan 2025 11:02 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
विज्ञापन
विज्ञापन
घर बैठे अच्छी कमाई के लालच में लगा रहे जमापूंजी
विज्ञापन

अक्सर सामने आ रहे स्कैम, कई केस भी दर्ज हुए
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। ऑनलाइन ट्रेडिंग का चस्का अच्छे-भले इंसान को कंगाल बना दे रहा है। जल्दी अमीर बनने का सपना देख रहे युवा ऑनलाइन ट्रेडिंग में वक्त और पूंजी दोनों गंवा रहे हैं। फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप जैसे सोशल साइट्स पर प्रचार से आकर्षित होकर जल्द अमीर बनाने का ख्वाब देखने लगते हैं। शहर के तमाम युवा ऐसे ऑनलाइन ट्रेडिंग में फंसकर न केवल अपनी पूंजी गंवा रहे हैं, बल्कि कर्जदार भी बन रहे हैं।
सबसे पेचीदा पहलू यह है कि ज्यादा कमाई की लालच में लोग अपने साथ ही मित्रों-रिश्तेदारों की गाढ़ी कमाई भी गंवा रहे हैं। हालत यह है कि जेल जाने तक की नौबत आ रही है। मुंडेरवा के उदयपुर गांव का सीएससी संचालक राज कुमार चौधरी का प्रकरण सबसे जाता उदाहरण है। 50 लाख रुपये ट्रेडिंग में गंवाने के बाद उसे खुद के अपहरण की कहानी बनाना पड़ा। नतीजन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
विज्ञापन

साइबर विशेषज्ञ अश्विनी कहते हैं कि ऑनलाइन ट्रेडिंग बेहद सधी हुई प्रक्रिया है। ट्रेडिंग स्कैम में साइबर ठग लोगों को बिना किसी जोखिम के अच्छा मुनाफे का लालच देते हैं। जालसाज लोगों को अपनी बातों में उलझाकर निवेश के लिए प्रोत्साहित करते हैं। इसके लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सहारा लेते हैं। इसके अलावा ठग फर्जी टैक्स, शुल्क और किसी अन्य माध्यम से पैसे वसूल सकते हैं।
अधिकतर ट्रेडिंग स्कैम किसी एप्लीकेशन या फिर मैसेज एप के जरिये अंजाम दिए जाते हैं, जिसमें अनभिज्ञ लोग दूर रहें तो अच्छा ही है। जिसे बहुत शौक हो उसे पहले उनके जोखिम के बारे में समझ लेना चाहिए।
जीएसटी अधिवक्ता मनमोहन श्रीवास्तव काजू बताते हैं कि ट्रेडिंग किसी भी सामान या सेवाओं को खरीदने और बेचने की प्रक्रिया है। किसी विशेष प्रॉपर्टी की कीमत पर पूर्वानुमान लगाने के लिए उसके ग्राफ का विश्लेषण करना भी ट्रेडिंग का एक हिस्सा है। यह मुख्य रूप से अतिरिक्त आय के लिए की जाती है। मगर, जानकारी के अभाव में शख्य की पूंजी डूब जाती है। अगर समझदारी और सतर्कता से निवेश न किया जाए तो आपको नुकसान हो सकता है।
..
केस एक-
15 जनवरी को कोतवाली के जिगिना मंझरिया निवासी शैलेंद्र कुमार पांडेय ने पुलिस को तहरीर देकर बताया है कि उन्हें फोन के जरिये शेयर मार्केट में निवेश का झांसा दिया गया है। रुपये लगाकर अधिक मुनाफा देने का जालसाज ने लालच दिया। इसके बाद कई बार में अलग-अलग बैंक खातों में साढ़े सात लाख रुपये जमा करा लिए।
..
केस दो
- 21 जून को कप्तानगंज थाना क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय मेंं कार्यरत किरन कुमारी ने साइबर क्राइम थाने में तहरीर देकर बताया कि उनके पास एक मोबाइल नंबर से कॉल आई। बताया गया कि ट्रेडिंग में अगर वह रकम लगाएंगी तो ज्यादा फायदा मिलेगा। विभिन्न नंबरों से बातों में फंसाकर डीमैट एकाउंट खोलवाया, जिसमें विभिन्न तिथियों में छह लाख सात हजार 500 रुपये फोन-पे के जरिये जमा कराए। इसके बाद वह रुपये खाते से गायब हो गए।
..
कोट

आज के दौर में सबके हाथ में इंटरनेट और मोबाइल है। इसमें तमाम इस तरह के एप आसानी से चल जाते हैं। इसमें ऑनलाइन गेमिंग एप भी चलते हैं। जिसे दूसरे प्रांत या देश से संचालित किया जाता है। इससे लोगों को रोकना पुलिस के लिए काफी मुश्किल काम है। हां, अगर कोई शिकायत करता है कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है तो उस पर साइबर अपराध के तहत कार्रवाई की जाती है।
ओपी सिंह, एएसपी

..

कुछ बड़ा पाने के लिए लेते हैं जोखिम
मनोचिकित्सक डॉ. एके दुबे बताते हैं कि जल्द ही कुछ बड़ा पाने के लिए लोग कई बार बड़े जोखिम उठाने को तैयार हो जाते हैं। यह एडिक्शन डिसऑर्डर है और इसके पीछे इन्फ्ल्यूएंसिंग एक बड़ा कारण है। ऑनलाइन गेम्स के प्रोमोटर खेल जगत और बॉलीवुड की बड़ी-बड़ी हस्तियां हैं जो लाखों लोगों के दिलों पर राज करती हैं। ऐसे में लोग इन लोगों पर आंख बंद करके भरोसा कर लेते हैं। लाखों में किसी एक या दो को सफलता मिल भी जाती है तो लोग उसी तरह की सफलता पाने के लिए बार-बार जोखिम लेते हैं। यह एडिक्शन डिसऑर्डर बच्चों के साथ-साथ 35-40 साल तक के लोगों में भी देखने को मिल रहा है। हाल ही में ऐसे मामलों में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है।
..
ट्रेडिंग स्कैम से कैसे बचें

- अगर कोई ब्रोकर बार-बार किसी खास तरह के निवेश के बारे में बात कर रहा है तो हो सकता है कि ठगने की कोशिश कर रहा हो। ऐसे में आपको सावधान होने की जरूरत है।
- साइबर ठग लोगों से रुपये को निवेश में लगाने के बाद टैक्स या फीस के तौर पर कई बार रुपये की मांग करते हैं। ऐसे में किसी भी तरह का शुल्क देने से पहले अच्छी तरह से जांच करें।
- अगर आप किसी धोखेबाज के जाल में फंस गए हैं तो निवेश किए रुपये दोबारा नहीं मिलते हैं। इस बात को चेक करने के लिए आप निवेश की गई रकम को मांगकर देख सकते हैं।
विज्ञापन


- इस बात का ध्यान रखें कि कोई भी साइबर ठग सच्चाई सामने आने से पहले तक अलग-अलग तरीकों से रुपयों की मांग करता रहेगा। जालसाज धमकी के जरिये भी रुपये की मांग कर सकते हैं।

- साइबर ठगी करने वाले जालसाज अक्सर आपकी पहुंच से दूर रहते हैं। ऐसे में उनकी असली पहचान जानने के लिए आप उनसे मिलने की मांग कर सकते हैं।

- अगर आप साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं तो तुरंत साइबर सेल की हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें