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Basti News: धंधेबाज हुए सतर्क...रूट बदलकर पहुंचा रहे मिलावटी माल

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बाजार में बिक रहा है खोआ संवाद
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बस्ती। होली को लेकर मिठाई दुकानों से लेकर मंडी तक में रौनक बढ़ गई है। मगर, दोगुना मुनाफा कमाने के लालच में धंधेबाज लोगों की सेहत का ख्याल नहीं रख रहे। शहर से लेकर कस्बों की दुकानों पर मिलावटी खोआ पहुंचाने में धंधेबाज सफल हो जा रहे हैं।
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इसके पीछे टीम की सैंपलिंग गति कम होना और मैनपावर की कमी से अभियान सुस्त होने की वजह बता रहे हैं। फिलहाल धंधेबाज रूट बदलकर मिलावटी खोआ चिह्नित जगहों पर पहुंचा रहे हैं। वहां से दुकानों तक जा रहा और ग्राहक खरीदारी कर घर ले जा रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि नकली खोआ को असली बताकर बेंचा जा रहा है। होली नजदीक आते ही बाजारों में खोआ की आमद तेज हो गई है। शहर से लेकर कस्बों तक लगभग हर मिठाई की दुकान पर खोआ पहुंच चुका है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच के बावजूद अब तक किसी बड़े दुकान से मिलावटी खोआ पकड़ा नहीं गया है।
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जिले में हर महीने करीब दो सौ टन खोआ की खपत होती है। सबसे अधिक खोआ अयोध्या, जरवल रोड के जरिये कानपुर से आता है। होली जैसे बड़े त्योहार पर यह खपत बढ़कर तीन से चार सौ टन तक पहुंच जाता है।
बताते हैं कि अब तक रोडवेज की बसों से ही धंधेबाज खोआ पहुंचाते थे। हालांकि, हाल ही में साढ़े 17 क्विंटल खोआ लावारिस में बरामद होने के बाद धंधेबाज मार्ग बदल दिए हैं। धंधेबाजों ने अब खोआ मंगवाने का तरीका बदला है। बताया गया कि जनपदीय और मंडलीय टीम से एक-एक फूड इंस्पेक्टर ही सैंपल के लिए निकल रहे जबकि अन्य की ड्यूटी एसआईआर में लगने से सांसत हो रही है। हालांकि, उससे फुर्सत मिलने पर वह फील्ड में निकलते हैं।
रिपोर्ट में देरी के चलते समय से नहीं हो पाती कार्रवाई : सूत्रों के अनुसार, जनपद में खाद्य पदार्थों में मिलावट का खेल जारी है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग संदिग्ध खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग कर तो लेता है, मगर जांच रिपोर्ट जल्द न मिलने से कार्रवाई लटकी रहती है। इससे संबंधी पदार्थ पर भी कोई एक्शन नहीं हो पाता है। बताया गया कि दिवाली से लेकर अब तक दो सौ के करीब रिपोर्ट पेंडिंग है।
सैंपल खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन कार्यालय में रखे हुए हैं। बताते हैं कि सैंपल का तीन भाग करते हैं, एक जांच के लिए 24 घंटे के भीतर लैब भेज देते हैं, जबकि दो भाग कार्यालय में सुरक्षित रखते हैं ताकि रिपोर्ट फेल आने पर संबंधित अपील करे तो दोबारा सैंपल जांच के लिए भेजा जा सके। इस सैंपल को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिरक्षक का प्रयोग किया जाता है।
मंडलीय खाद्य औषधि प्रयोगशाला में जांच नहीं हुई शुरू : खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन कार्यालय में ही मंडलीय खाद्य औषधि प्रयोगशाला बना है। भवन हैंडओवर हो गया। कार्यालय भी संचालित हो रहा है, मगर अभी तक यहां जांच नहीं शुरू हुई। बताते हैं कि मशीनें आ चुकी हैं। कुछ आनी हैं। अलग से मैनपावर की तैनाती होनी है। जो अभी तक नहीं हुई। इससे लैब अभी तक संचालित नहीं हो पाया है। यहां के सैंपल को लखनऊ, वाराणसी समेत अन्य जगहों पर भेजते हैं।
शनिवार तक चले अभियान में सिर्फ 11 सैंपल भरे गए : खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से 28 फरवरी तक चलाए गए विशेष अभियान में सिर्फ 11 नमूने ही एकत्र किए गए। जिसमें खोआ चार, पनीर तीन, केक एक, बर्फी दो, रंगीन कचरी एक नमूना समेत कुल 11 नमूना शामिल है। 1048 किग्रा. रंगीन कचरी को अखाद्य रंग से रंगे होने पर जब्त किया गया।
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