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आस्था का जलाभिषेक आज, सजे शिवालय

Thu, 23 Feb 2017 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बस्ती।
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बाबा भद्रेश्वरनाथ मंदिर। - फोटो : Amar Ujala
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महाशिवरात्रि पर शिवालयों को भव्य तरीके से सजाया गया है। शुक्रवार को आस्था के जल से श्रद्धालु जलाभिषेक करेंगे। सुरक्षा के लिए 17 शिवमंदिरों पर प्रशासन की विशेष नजर है। एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार लगातार गश्त करते रहेंगे।
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 शहर के दक्षिणी छोर पर स्थित बाब भदेश्वरनाथ धाम की काफी मान्यता है। आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालुओं का देर रात से आना शुरू हो गया है। शिवमंदिर हर्दिया, भुवंर शिवमंदिर, राम कृपाल मंदिर, ग्राम कड़र खास शिवमंदिर, बरवा धाम, रसूलपुर, लोहरौली, नरहरिया, हवेली खास, भारीनाथ, निर्मली कुंड, पंचायती मंदिर, सुर्ती हटटा, करूआ बाबा, पौराणिक शिवमंदिर महादेवा, शिवमंदिर तिलकपुर, भैरोनाथ मंदिर, देवरिया, लोढ़वा, औरातोंदा, हनुमानगंज एवं चकोही मंदिर आदि शिवालय में श्रद्धालुओं की लाखों संख्या में भीड़ जुटती है।

इन मंदिरों की संवेदनशीलता और राजनीतिक परिवेश को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया है। सुरक्षा के 13 बिंदुओं पर विशेष नजर रखने को कहा गया है। इसके तहत प्रशासन ने 17 शिवमंदिरों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था करने निर्देश जारी किए हैं। एडीएम संतोष राय ने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन प्रशासन ने जिन शिवमंदिरों को अतिसंवेदनशील मानकर विशेष सुरक्षा व्वयस्था का प्रबंध किया है, उनमें भेदेश्वरनाथ एवं पुराना पुल शिव मंदिर शामिल है।
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सुरक्षा के लिए भदेश्वरनाथ में 10 थानेदार, 26 उप निरीक्षक, 40 महिला कांस्टेबल, 15 हेड कांस्टेबल, 150 कांस्टेबल ड्यूटी पर लगाए गए हैं। तीन क्षेत्राधिकारी व एक एएसपी थानेदारों व पूरे पुलिस बल के साथ हाईवे से लेकर भदेश्वरनाथ मंदिर तक नजर रखेंगे। इसके अलावा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली, गोताखोर, मोटर बोट एवं नावों पर फायर ब्रिगेड के जवान निगरानी रखेंगे। 

ज्योतिषियों की दृष्टि में होगा खास
ज्योतिषाचार्य पं. जय प्रकाश द्विवेदी ने बताया कि महाशिवरात्रि को अर्द्ध रात्रि में महादेव के अंश से शिवलिंग का प्राकट्य हुआ। इसलिए रात्रि व्यापिनी चतुर्दशी का अधिक महत्व होता है। दो दिन पड़ने वाले इस महाशिवरात्रि पर्व पर स्वार्थ सिद्ध योग का पड़ना ज्योतिषियों की दृष्टि में खास होगा। उन्होंने बताया कि 24 फरवरी रात्रि साढ़े नौ बजे चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होगी, जो 25 फरवरी की रात्रि सवा नौ बजे तक रहेगी। चूंकि 25 फरवरी की रात्रि में चतुर्दशी तिथि न होने से 24 फरवरी को महाशिव रात्रि का पर्व माना गया है। 
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