बस्ती। जनपद में जून 2022 को बिजली विभाग के आठ नए उपखंड कार्यालय खोलने की स्वीकृति पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम वाराणसी ने दिया था। नए कार्यालय सृजन के करीब डेढ़ साल बाद भी कार्यालय न खुलने से उपभोक्ता परेशान हैं। समस्याओं के समाधान के लिए उपभाेक्ताओं को जिला मुख्यालय तक का चक्कर लगाना पड़ रहा है। मालवीय रोड स्थित बिजली विभाग के कार्यालय में प्रतिदिन सैंकड़ों उपभोक्ता हाथ में कागज लिए उपखंड अधिकारी को ढूंढते हुए मिल जाएंगे।
उल्लेखनीय है, कि जिले में चार विद्युत वितरण खंड मिलकर करीब 4.15 लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति दे रहे हैं। इन वितरण खंडों के अधीन आठ उपखंड (पुराने) काम कर रहे थे। लेकिन, इन पर उपभोक्ताओं का भार होने के कारण विद्युत निगम ने मार्च 2020 में आठ नए उपखंड बनाने का प्रस्ताव वाराणसी भेजा। जून 2022 में नए उपखंडों की स्वीकृति के साथ ही अधिकारियों की तैनाती भी कर दी गई। विद्युत निगम ने नव सृजित उपखंड अधिकारियों को कार्यालय न बनने तक 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्रों पर बैठकर उपभोक्ताओं की समस्याएं निस्तारित करने का निर्देश दिया था। लेकिन एक उपखंड अधिकारी के कार्य क्षेत्र में दो से अधिक उपकेंद्र पड़ रहे हैं। ऐसे में वह कहां बैठकर उपभोक्ताओं की खामियां दुरुस्त करें यह तय नहीं कर पा रहे हैं। एक ओर स्थायी कार्यालय और संसाधन न होने के कारण अधिकारी काम नहीं कर पा रहे हैं तो दूसरी ओर उपभोक्ताओं में शिकायत कहां और किससे करें इसे लेकर भ्रम फैल रहा है। समस्याओं को लेकर ग्रामीण उपभोक्ताओं को जिला मुख्यालय तक के चक्कर लगाने पड़ रहे। शुक्रवार को बिजली विभाग की पड़ताल की जिसमें दूर-दराज के इलाकों से आए उपभोक्ताओं ने अपनी व्यथा सुनाया।
उपभोक्ताओं ने बताईं दुश्वारियां
- मीटर में खपत ज्यादा आ रही है जबकि दो पंखा और चार एलईडी बल्ब ही घर में लगा है। चेक मीटर लगवाने के लिए प्रार्थना पत्र देने बस्ती आया था। लेकिन, उपखंड अधिकारी कार्यालय का पता नहीं चल पा रहा है।
आदित्य मिश्रा, कंजौरा।
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- नए कनेक्शन के लिए आवेदन करना है, इसके लिए जानकारी लेने आया था, पूछने पर लोग बता रहे हैं कि उपखंड अधिकारी यहीं कहीं बैठे होंगे। उन्हीं को ढूंढ रहा हूं। अभी मिले नहीं हैं।
हरिश्चंद्र चौधरी, मखदुमपुर।
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- हमारे गांव से जिला मुख्यालय करीब 22 किमी दूर पड़ता है। मासिक बिल में सुधार कराने आया था, पूछने पर बताया जा रहा है कि एसडीओ क्षेत्र में गए हैं। अब दोबारा फिर आना पड़ेगा।
विवेकानंद शुक्ल, दौलतपुर।
नव सृजित उपखंड उपभोक्ताओं की संख्या
कलवारी 20,000
गौर 20,000
भानपुर 26,000
बनकटी 27,000
सल्टौआ 22,494
विक्रमजोत 20,000
दुबौलिया 18,859
परशुरामपुर 23,000
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उपखंड कार्यालय जिले के अलग-अलग हिस्सों में खोला जाना है। इसके लिए उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया गया है। उपभोक्ताओं की परेशान को कम करने के लिए उपखंड अधिकारियों को उपकेंद्रों में बैठकर समस्याएं निस्तारित करने का निर्देश दिया गया है।
-राम भरोसे, अधीक्षण अभियंता