- मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कमिश्नर ने दिए निर्देश
- बस्ती एवं संतकबीरनगर से पर और एक किमी पहले लगाएं चिह्नांकन बोर्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। वाहनों की ओवर स्पीड पर रोकथाम के लिए हाईवे पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को यह व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बुधवार को मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में आयुक्त अखिलेश सिंह ने इस आशय के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बस्ती और संतकबीर नगर से पांच किमी व एक किमी पहले चिह्नांकन बोर्ड लगवाए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि जनपद के दोनों टोल प्लाजा पर गैसकटर मशीन उपलब्ध कराई जाए, ताकि दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल वाहन से निकाला जा सकें। टोल प्लाजा से ओवरलोड वाहन की सूची एआरटीओ को उपलब्ध कराए। उन्होंने निर्देश दिए कि दुर्घटनाओं को कम करने के लिए नए सिरे से एक्शन प्लान तैयार हो।
रोड इंजीनियरिंग, दुर्घटना पर रैपिड रिस्पांस, गोल्डन आवर में बेहतर ट्रामा केयर सुविधा, प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई तथा व्यापक जन जागरूकता सुनिश्चित की जाए। जनपद के क्षेत्राधिकारी यातायात नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करें। दुर्घटनाओं का वास्तविक रिपोर्ट प्रस्तुत करें। शासन की ओर से निर्धारित मानक आईएस 4151 के अनुसार हेलमेट की ब्रिकी सुनिश्चित कराएं। इसके लिए जांच अभियान चलाया जाए। संयुक्त शिक्षा निदेशक तथा सहायक निदेशक बेसिक कैंप आयोजित कराकर विद्यालय के वाहनों का फिटनेस चेक कराएं। लोकसभा निर्वाचन में इन बसों की आवश्यकता होगी।
समीक्षा में उन्होंने पाया कि बस्ती में 345, सिद्धार्थनगर में 244 तथा संतकबीरनगर में 187 बिना परमिट के स्कूली वाहन संचालित हो रहे हैं। इसी प्रकार बिना फिटनेस के बस्ती में 324, सिद्धार्थनगर में 200 तथा संतकबीर नगर में 116 वाहन संचालित हो रहे हैं। उन्होंने तीनों जनपदों के एआरटीओ को कैंप आयोजित कर 15 दिन में वाहन का फिटनेस तथा परमिट बनवाने के निर्देश दिए। इसके अलावा दुर्घटना में घायल व्यक्तियों का स्वैच्छिक मदद प्रदान करने वालों को जिले एवं मंडल स्तर पर पुरस्कृत करने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने हिट एंड रन दुर्घटना में सोलेशियम स्कीम के तहत दुर्घटना में मृत व्यक्ति के परिवार को दो लाख तथा गंभीर रूप से घायल को 50 हजार आर्थिक सहायता दिलाने का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। इस मौके पर एएसपी ओपी सिंह, एनएचएआई के नवागत पीडी ललित पाल, अपर निदेशक स्वास्थ्य डा. विनीता राव, डा. नीरज पांडेय, आरटीओ आरके शुक्ला आदि मौजूद रहे।