कमिश्नर पीके सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को मंडी समिति परिसर में खरीफ
विपणन वर्ष 2015-16 के धान क्रय सीएमआर संप्रदान के लिए प्रशिक्षण दिया
गया।
इस मौके पर कमिश्नर ने जनपद एवं मंडलीय अधिकारियों से कहा कि किसानों के
हित को ध्यान में रखकर धान क्रय के निर्धारित लक्ष्य को पूरा करें। साथ
खरीद की तैयारियों को समय से पूरा कर लें। जिससे नियत समय पर धान की खरीद
सुनिश्चित कराई जा सके।
मौजूदा वर्ष में धान का समर्थन मूल्य 1410 रुपये प्रति क्विंटल कॉमन धान
हेतु और 1450 रुपये प्रति क्विंटल ग्रेड ए धान के लिए निर्धारित है। धान
खरीद एक नवंबर से शुरू होकर 28 फरवरी 2016 तक निर्धारित की गई है।
सभी धान क्रय केन्द्रों पर सुबह नौ बजे से शाम के पांच बजे तक धान की
खरीददारी करने का निर्णय लिया गया है। किसानों से धान की खरीद उनके कृषि
संबंधी अभिलेख जैसे किसान बही, खतौनी अथवा चकबंदी संबंधी संगत भूलेख के
आधार पर की जाएगी।
डीएम अनिल कुमार दमेले ने समीक्षा के दौरान कहा कि प्रत्येक धान क्रय
केन्द्रों पर बैनर के माध्यम से धान का समर्थन मूल्य, क्रय केन्द्र
प्रभारी का नाम व मोबाइल नंबर, धान की गुणवत्ता का मानक, शिकायत
पंजीकरण का टोल फ्री नम्बर 18001800150 और संबंधित बैंक का नाम जहां से
भुगतान होना है, अनिवार्य रूप से लिखा होना चाहिए।
धान खरीददारी के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारी क्रय केन्द्रों का
नियमित निरीक्षण करते रहेंगे तथा केंद्रों पर उपलब्ध इलेक्ट्रानिक कांटे
और अन्य यंत्रों की जांच होती रहे।
संभागीय खाद्य नियंत्रक रवि कुमार ने बताया कि क्रय केन्द्रों पर धान की
उतराई एवं सफाई का खर्च किसानों से नहीं लिया जायेगा। धान के मूल्य का
भुगतान आरटीजीएस के माध्यम से किया जायेगा।
परन्तु जहां आरटीजीएस की सुविधा नहीं है। वहां अकाउंटपेयी चेक के माध्यम से
भुगतान किया जाएगा। वर्ष 2015-16 में बस्ती जनपद में खाद्य विभाग द्वारा
धान क्रय का लक्ष्य 18500 क्विंटल, पीसीएफ द्वारा 24800 क्विंटल और यूपी
एग्रो द्वारा 1000 क्विंटल निर्धारित किया गया है।
संत कबीर नगर जनपद में धान क्रय का लक्ष्य खाद्य विभाग को 20,000 क्विंटल,
पीसीएफ को 20,700 क्विंटल और यूपी एग्रो को 3000 क्विंटल का लक्ष्य दिया
गया है।
जबकि सिद्धार्थ नगर जनपद में खाद्य विभाग को 17,500 क्विंटल, पीसीएफ को
13,800 और यूपी एग्रो को 2000 क्विंटल धान क्रय का लक्ष्य निर्धारित
किया गया है। कमिशभनर ने अधिकारियों को प्रत्येक दशा में निर्धारित
लक्ष्य के अनुसार धान क्रय किए जाने तथा इसका भुगतान संबंधित किसानों को
समय से कराने का निर्देश दिया।