राम जानकी मार्ग पर स्थित बनहरा गांव के पास घटनास्थल पर मौजूद लोग।
कलवारी/बस्ती। राम जानकी मार्ग पर हुए हादसे को देखकर उधर से गुजरने वालों का कलेजा मुंह को आ गया। तीन क्षत-विक्षत शव और तड़प रहे घायलों की दशा देखने वालों को कुछ सूझ ही नहीं रहा था कि ऐसे में उन्हें क्या करना चाहिए। उन्हीं में से किसी राहगीर ने पुलिस को सूचना दी। आसपास के लोगों ने बताया कि बमुश्किल 20 सेकेंड के भीतर तीन जिंदगियां समाप्त हो गईं। किसी को बचने या इलाज कराने का मौका तक नहीं मिला। सीमेंट लदा ट्रेलर ऊपर से गुजर जाने के बाद तीनों के शव को पहचानना मुश्किल हो रहा था। हादसे से घबराया ट्रेलर चालक वाहन छोड़कर भाग गया था। जिसे बाद में पुलिस ने कब्जे में ले लिया।
सुरेंद्र को दिल्ली से खींच लाई मौत
- मृतकों में सुरेंद्र दिल्ली में मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते थे। वह परिवार सहित दिल्ली में ही रहते थे। उनका सपना था कि अपने तीनों बच्चों राज (14), किशन (09) और रूपा (07) को बेहतर शिक्षा दिलाकर किसी लायक बना सके। बच्चों का वहीं के स्कूल में एडमिशन कराने के लिए उनका अंकपत्र वगैरह ले जाने के लिए वह घर आए थे। यहां आने पर पता चला कि उनकी कलवारी थानाक्षेत्र के टेंगरिया राजा गांव में ब्याही बहन की सांड़ के हमले में मौत हो गई है। यह खबर सुनकर उनके जीजा झिन्नू निवासी समुदा सोनबरसा थाना हरपुर जिला गोरखपुर भी सोमवार को आ गए थे। दोनों लोग बाइक से पहले टेंगरिया राजा गए। वहां से मिर्जापुर अपनी दूसरी बहन के यहां गए। जहां उनकी भांजी खुशबू कुछ दिन से रह रही थी। खुशबू को साथ लेकर सुरेंद्र अपने जीजा झिन्नू के साथ लौट रहे थे। तभी यह हादसा हो गया।
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टायल्स के कारीगर थे राजेश
- घटना में मृत राजेश निवासी आगापुर उर्फ गुलरिया थाना धनघटा संतकबीरनगर टायल्स के अच्छे कारीगर थे। सोमवार को गांव के बजरंगी के साथ राजेश अपने रिश्तेदार परशुराम को लखनऊ जाने के लिए बस पर बैठाने जा रहे थे। बाइक राजेश ही चला रहे थे। बनरहा सीएचसी के सामने यह हादसा हो गया। राजेश के पांच बेटियां मुस्कान (15), जुड़वा बेटी पायल-पलक (08), ईशानी (05) और कृति (03) के अलावा एक नौ माह का बेटा रितिक है। थाने पहुंची राजेश की पत्नी को दहाड़े मारकर रोते देखकर लोगों की आंखें नम हो गईं।
स्कूल बस चलाते थे झिन्नू
हृदयविदारक हादसे में जान गंवाने वाले झिन्नू निजी विद्यालय की बस चलाते थे। सांड़ के हमले में साली की मृत्यु की सूचना पर वह अपने साले सुरेंद्र के साथ आए थे। साथ ही उन्हें अपनी मौसी के घर मिर्जापुर में रह रही बेटी खुशबू को भी घर ले जाना था। वापस होते समय हादसे के शिकार हो गए। उनके दो बेटे जितेंद्र (20), विकास (14) और एक बेटी खुशबू (16) है। उनकी पत्नी शीला देवी भी घटना की सूचना पर कलवारी थाने पहुंच गई थीं। जो रोते-बिलखते अचेत हो जा रही थीं। साथ आई महिलाएं उन्हें किसी तरह संभाल रही थीं।