बस्ती। बारिश और उमस भरी गर्मी से बच्चे बीमार हो रहे है। मौसम बड़ों पर भी कहर बरपा रहा है। हाईग्रेड फीवर के साथ टायफाइड और मलेरिया बुखार का खतरा बढ़ा है। इसके लक्षण वाले रोगी आ रहे हैं।
अस्पताल प्रशासन ने सीएमओ को जो रिपोर्ट भेजी है उसमें अगस्त माह में हाईग्रेड के 81 मरीज आए जिसमें एक की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। 359 की डेंगू जांच हुई, जिसमें 10 पाजिटिव और 1039 की टाइफाइड जांच कराई गई 47 पाॅजिटिव आए हैं। बताया गया कि बरसात का मौसम लोगों को गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन बारिश के साथ ही संक्रामक रोग भी बढ़ रहा है।जिला अस्पताल में टायफाइड, मलेरिया, उल्टी दस्त डायरिया आदि बीमारियों और संक्रमण वाले मरीज पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को मरीजों की संख्या बढ़ी दिखी।
फिजीशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि बुखार के केस आ रहे। कई में डेंगू, मलेरिया, टायफायड बुखार के लक्षण दिख रहे, उनकी जांच कराई जा रही है। बताया गया कि 936 ओपीडी हुई। इसमें बुखार व संक्रकमण के 60 से 70 मरीज आए। लंबे समय से बुखार आने वाले मरीजों की टाइफाइड मलेरिया की जांच के लिए डॉक्टरों ने सलाह दिया। डॉक्टर ने बताया कि बारिश के मौसम में संक्रामक रोग के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। मच्छर के काटने से मलेरिया होती है।
जिन मरीजों को लंबे समय से बुखार आता है ऐसे मरीजों की टायफाइड की जांच कराई जाती है। टाइफाइड व मलेरिया के मरीज आ रहे है। सामान्य बुखार, मलेरिया, डेंगू और टाइफाइड जैसी बीमारियां होती हैं। कहा कि ऐसी बीमारी का मुख्य कारण साफ सफाई अभाव और आसपास गंदगी से निकलने वाले कीटाणु हवा के साथ त्वचा में प्रवेश कर जाते हैं।
जिसका आसानी से पता नहीं चल पाता है। बुखार होने पर भी त्वचा में इसके लक्षण नजर आते हैं।
इन सब से बचाव का एक ही उपाय है कि आसपास गंदगी न होने दें। हाथों को बराबर साबुन से धुलें, नजदीकी सरकारी अस्पताल के डॉक्टर से सलाह लें। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज शुक्ल ने बताया कि बच्चों में बुखार के मामले अधिक आ रहे। बचाव जरूरी है।