मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बस्ती में कहा कि पहले धार्मिक आयोजनों पर रोक लगाई जाती थी, आज कांवड़ यात्रा पर पुष्पवर्षा की जाती है। श्रद्धालुओं का उत्साह देखकर लगता है कि सपा अध्यक्ष भी भगवा पहनकर कांवड़ यात्रा में शामिल होने की प्रतीक्षा में हैं।
उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ी की सीढि़यों पर नमाज पढ़वाने वालों, जय श्रीराम बोलने वालों पर कार्रवाई कराने वालों और धार्मिक आस्था पर चोट पहुंचाने वालों को जनता से माफी मांगनी चाहिए। मुख्यमंत्री हर्रैया में हर्रैया व कप्तानगंज विधान सभा क्षेत्र की 504 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 77 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि पहले सरकारी धन कब्रिस्तानों की चहारदीवारी बनवाने और कब्जों पर खर्च होता था। आज वही धन धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार और विकास में लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस के शासनकाल में वक्फ बोर्ड के नाम पर गरीबों, दलितों और वंचितों की जमीन पर कब्जे किए जाते रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हनुमानगढ़ी की पवित्र सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का काम विपक्ष ने किया था। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने हर प्रमुख धर्मस्थल को विवादित बनाने का प्रयास किया और अयोध्या में भी लगातार विवाद खड़ा करने की राजनीति की। एक समय ऐसा था जब अयोध्या में कोई जय श्रीराम का उद्घोष कर देता था तो उस पर लाठी और गोली चलती थी।
राम मंदिर निर्माण का विरोध करने वाले कहते थे कि यदि मंदिर बना तो खून की नदियां बहेंगी। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को कोई नहीं रोक पाया और यह करोड़ों रामभक्तों रामभक्तों की आस्था, विश्वास और संकल्प की जीत है।
सपा जिलाध्यक्ष लेकर आए थे कब्रिस्तान के नाम पर कब्जे की शिकायतमुख्यमंत्री ने कहा कि जब वह गोरखपुर के सांसद थे, तब सपा के एक जिलाध्यक्ष स्वयं अपने घर के पास जमीन पर कब्रिस्तान के नाम पर कब्जा किए जाने की शिकायत लेकर आए थे। तब संगठन के कार्यकर्ताओं को भेजकर कब्जा हटवाया और उनकी जमीन बचाई थी।
जनता जब अच्छे जनप्रतिनिधियों का चुनाव करती है, तभी विकास धरातल पर दिखाई देता है। आज मखौड़ा धाम, भदेश्वरनाथ धाम और तपसी धाम का तेजी से विकास कराया जा रहा है। कर्ण मंदिर विवाद का समाधान होने के बाद वहां भी सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू किया जा रहा है। प्रदेश में लगभग 1500 मंदिरों का पुनरुद्धार कराया जा चुका है।
सपा के शासनकाल में प्रचलित थी कहावत - देख सपाई, बिटिया घबराई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा के शासनकाल में प्रदेश में कहावत प्रचलित हो गई थी देख सपाई, बिटिया घबराई। महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा खतरे में थी और कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी थी। जब सरकार ही बहन-बेटियों की सुरक्षा के लिए खतरा बन जाए तो उसकी तुलना दुर्योधन के शासन से ही की जा सकती है।
परशुरामपुर दंगे का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दलितों और गरीबों की बस्तियां जला दी गईं लेकिन तत्कालीन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में कोई बड़ा सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ। अब अपराधी कानून से डरते हैं।