जिले की महत्वपूर्ण सड़क बस्ती-कांटे मार्ग के चौड़ीकरण का रास्ता साफ हो गया है। पहले चरण में अमहट से प्लास्टिक कांप्लेक्स तक इस सड़क का चौड़ीकरण होना था, मगर अब यह मार्ग संतकबीरनगर बॉर्डर कांटे तक चौड़ा और मजबूत बनेगा। इसके लिए कमिश्नर अखिलेश सिंह की पहल पर पीडब्ल्यूडी ने 118 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाकर शासन में भेजा है।
बता दें कि पहले चरण में अमहट से प्लास्टिक कांप्लेक्स तक सड़क के चौड़ीकरण का प्रस्ताव था, इस मार्ग को फोरलेन में तब्दील करना था। हालांकि, शासन में फाइल अटकी होने के चलते, योजना आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद पुन: लोक निर्माण विभाग ने इसका प्रस्ताव बनाया और शासन को भेजा है।
इस बार अमहट से कांटे तक पूरे 24 किमी लंबी सड़क को अन्य जिला सड़क व प्रमुख जिला सड़क योजना में शामिल करते हुए एक साथ चौड़ीकरण करने की कार्ययोजना बनी है, जिसे स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है। यह सड़क गांधीनगर से जिला अस्पताल तक जाम से राहत दिलाएगी और गोरखपुर-खलीलाबाद की राह आसान करेगी।
कमिश्नर ने भी इस परियोजना को आगे बढ़ाने का प्रयास किया है, जिससे जल्द मंजूरी की उम्मीद है। बताते हैं कि मार्ग पर वाहनों का अत्यधिक दबाव है। पूर्व में वाहनों के दबाव और राहगीरों के आवागमन के हिसाब से सड़क सात मीटर चौड़ी बनाई गई थी, बीच में डिवाइडर भी है। इससे हर दिन इस मार्ग पर जाम लगता है, इससे राहगीर परेशान रहते हैं।
प्रशासनिक पहल पर अब यह मार्ग अमहट से प्लास्टिक कांप्लेक्स तक 15 मीटर चौड़ी होगी। इसके अलावा डिवाइडर भी अलग से 0.52 मीटर बनेगा। वहीं, प्लास्टिक कांप्लेक्स से कांटे तक 10 मीटर चौड़ा करके दो लेन में तब्दील करेंगे।
इससे राहगीर बिना जाम में फंसे आसानी से फर्राटा भर सकेंगे। इस पहल से स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों में खुशी है। उनका कहना है कि जाम से छुटकारा मिलेगा और काफी हद तक इससे राहत भी मिल जाएगी।